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अगर नवरात्रि के दौरान आ जाएं पीरियड्स तो क्या महिलाएं व्रत जारी रख सकती हैं? जानें इस सवाल का जबाव

नई दिल्ली। आज से माता दुर्गा को समर्पित पर्व चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है। ऐसे में सवाल है कि अगर नवरात्रि के दौरान पीरियड्स आ जाएं तो क्या कोई भी महिला व्रत जारी रख सकती हैं या नहीं? इस सवाल का जबाव है हां महिलाएं अपना व्रत जारी रख सकती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीरियड्स एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है और इससे व्रत खंडित नहीं होता।
पीरियड्स के दौरान व्रत और पूजा से जुड़े नियम
1. व्रत और संकल्प
यदि आपने व्रत का संकल्प लिया है और बीच में पीरियड्स आ जाते हैं, तो व्रत को बीच में न छोड़ें। आप शारीरिक रूप से पूजा नहीं कर सकतीं, लेकिन मन ही मन माँ दुर्गा के मंत्रों का जाप और ध्यान कर सकती हैं। आप मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से दुर्गा सप्तशती का पाठ सुन सकती हैं।
2. पूजा के नियम
पीरियड्स के दौरान माता की मूर्ति, कलश, अखंड ज्योति या पूजा की सामग्री को छूने से बचना चाहिए। आप अपनी ओर से घर के किसी अन्य सदस्य (जैसे पति, बच्चे या माता-पिता) से पूजा और आरती करवा सकती हैं। आमतौर पर चौथे या पांचवें दिन, रक्तस्राव पूरी तरह रुक जाने और बाल धोकर स्नान करने के बाद आप पुनः विधिवत पूजा में शामिल हो सकती हैं।
3. कन्या पूजन और हवन
यदि अष्टमी या नवमी को पीरियड्स हों, तो आप स्वयं कन्या पूजन करने के बजाय घर के किसी अन्य सदस्य से यह कार्य संपन्न करवा सकती हैं। हवन के समय भी आप दूर बैठकर दर्शन कर सकती हैं, लेकिन आहुति परिवार के अन्य सदस्य से दिलवाएं।
4. स्वास्थ्य का ध्यान
यदि आपको शारीरिक कमजोरी महसूस हो रही हो, तो निर्जला व्रत के बजाय फलाहार लें ताकि शरीर को ऊर्जा मिलती रहे। पीरियड्स के शुरुआती 2-3 दिनों में भारी ब्लीडिंग या दर्द होने पर व्रत के दौरान अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखें और पर्याप्त पानी पिएं।




