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बनारस के जानल चाहत होवे तो बनारस आवै का पड़ी, पीएम ने कहा- भारत का खेल मॉडल एथलीट केंद्रित है...

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट के वर्चुअल उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि काशी से सांसद होने के नाते मैं सभी खिलाड़ियों का अभिनंदन करते हुए बेहद प्रसन्न हूं। राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आज से शुरू हो रही है और आप सभी ने कड़ी मेहनत की है, उसके बाद इस राष्ट्रीय टूर्नामेंट तक का सफर तय किया है। देश के 28 राज्यों की टीमें यहां आई हैं और आप सभी 'एक भारत और श्रेष्ठ भारत' का एक खूबसूरत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
भारत का खेल मॉडल एथलीट केंद्रित है
पीएम ने आगे कहा कि आज भारत का खेल मॉडल एथलीट-केंद्रित है। एथलीटों के कल्याण को हर तरह से प्राथमिकता दी जाती है। सरकार ने खेल क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम और खेलो भारत नीति 2025 के साथ, सही प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा और खेलों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
बनारसी कहावत का किया जिक्र
साथियों हमारे यहां बनारसी में कहा जाता है कि बनारस के जानल चाहत होवे तो बनारस आवै का पड़ी, तो आप लोग बनारस आ गए हैं और बनारस जान भी जाएंगे। हमारा बनारस खेल प्रेमियों का शहर है। कुश्ती, कुश्ती के अखाड़े, मुक्केबाजी, कबड्डी ऐसे कई खेले यहां बहुत मशहूर हैं। बनारस में कई खेलों के नेशनल खिलाड़ी दिए हैं। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, यूपी कॉलेज, काशी विद्यापीठ शिक्षण संस्थानों के खिलाड़ी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर छाए रहते हैं और काशी तो हजारों वर्षों से उन सबका सत्कार करती आई है, जो ज्ञान और कला के लिए यहां जाते हैं, इसलिए मुझे विश्वास है कि नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान बनारस का जोश हाई रहेगा। आप सभी खिलाड़ियों के लिए उत्साह बढ़ाने वाले दर्शक मिलेंगे और काशी की आतिथ्य परंपरा को जीने का अवसर भी मिलेगा।




