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भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते की रूपरेखा की तैयार, हटाया 25% टैरिफ जुर्माना, जानें क्या बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अगले हफ्ते साइन हो सकती है। हालांकि इस व्यापार समझौते की अंतरिम रूपरेखा आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर पिछले हफ्ते सहमति बनी थी।
भारत पर लगा 25% टैरिफ जुर्माना हटा
बता दें कि भारत ने रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है और यह भी कहा है कि वह अमेरिका से ऊर्जा खरीदेगा. मैंने पाया है कि भारत ने पर्याप्त रूप से तालमेल बिठाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
ट्रेड डील पूरी होने पर क्या बोले पीएम
भारत और अमेरिका की ट्रेड डील पर पीएम मोदी ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति बना ली है। मैं दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए उनका धन्यवाद करता हूं।
आगे लिखा कि यह रूपरेखा हमारे आपसी रिश्तों में बढ़ती गहराई, भरोसे और सक्रिय साझेदारी को दर्शाती है। इससे मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी और भारत के मेहनती किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप नवाचारकों, मछुआरों और अन्य क्षेत्रों के लिए नए अवसर खुलेंगे। इसके जरिए महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
पीयूष गोयल ने किया ट्वीट
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है। इससे भारतीय निर्यातकों, विशेषकर लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुल जाएगा। निर्यात में वृद्धि से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस रूपरेखा के तहत, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क घटाकर 18% कर देगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा एवं जूते, प्लास्टिक एवं रबर उत्पाद, जैविक रसायन, गृह सज्जा, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विशाल बाजार अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त, सामान्य दवाइयों, रत्न एवं हीरे तथा विमान के पुर्जों सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर टैरिफ शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता और ‘मेक इन इंडिया’ को और बढ़ावा मिलेगा।




