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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर जारी हाई-प्रोफाइल बातचीत प्रगति हुई है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी, जिन्होंने इन वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। उनहोंने कहा कि दोनों पक्ष जल्द ही अपने देशों में सलाह लेकर अगले कार्य को गति देंगे। तकनीकी स्तर की बातचीत अगले हफ्ते वियना में होगी। जानाकारी ईरान ने धमकी दी है कि अमेरिकी एयक्राफ्ट कैरियर अब उसके अटैक रेंज में हैं।
ईरान ने किया पलटवार
दरअसल ट्रंप ने खुले तौर पर ईरान पर हमले की धमकी भी दी थी। वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी हमले का जवाब ताकत से दिया जाएगा।
अमेरिका से मीटिंग के बाद ईरान का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी बातचीत को ‘अच्छी प्रगति’ है। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन कई अहम सवाल अब भी बाकी हैं। उन्होंने लगा कि अगला दौर एक हफ्ते से भी कम समय में हो सकता है। इन वार्ताओं को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल के हफ्तों में हालात युद्ध के मुहाने तक पहुंच गए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में 2003 के इराक युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा किया है। दो विमानवाहक पोत, लड़ाकू विमान और हजारों सैनिक मिडिल ईस्ट में भेजे गए हैं।
इन मुद्दों पर हुई बात
अमेरिका और इजरायल लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश का आरोप लगाते रहे हैं। ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण ऊर्जा के लिए है। हालांकि यह भी सच है कि ईरान ऐसा एकमात्र गैर-परमाणु देश है जिसने हथियार-ग्रेड के करीब स्तर तक यूरेनियम एनरिट किया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, वार्ता में ईरान ने साफ कहा कि उसे अपने देश में शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा विकसित करने का अधिकार है। उसने अमेरिकी मांगों को ठुकरा दिया कि वह पूरी तरह यूरेनियम संवर्धन बंद करे और 400 किलो संवर्धित यूरेनियम देश से बाहर भेज दे।
कुछ रियायतों पर हुई चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, कुछ रियायतों पर चर्चा हुई है, जैसे 3 से 5 साल के लिए सीमित स्तर पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी में काम करना। इसके बदले ईरान ने कड़े आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग रखी है। जिसने उसकी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।




