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पीएम मोदी पता नहीं किन मजबूरियों के चलते ट्रंप के सामने नतमस्तक हैं...इस मामले में केजरीवाल ने कसा तंज!

नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल ने ईरान और इज़रायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है। केजरीवाल का आरोप है कि पीएम मोदी इस संघर्ष में इज़रायल और अमेरिका (खासकर डोनाल्ड ट्रंप) के दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे भारत के पुराने मित्र देश ईरान के साथ संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
ट्रंप के सामने नतमस्तक होने का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी पता नहीं किन मजबूरियों के चलते डोनाल्ड ट्रंप के सामने नतमस्तक हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर इज़रायल के सैन्य हमलों पर चुप्पी साधने और "प्रो-इंपीरियलिस्ट" (साम्राज्यवादी समर्थक) विदेश नीति अपनाने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने दावा किया कि इस युद्ध के कारण देश भर में शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों को छोड़कर बाकी सभी कमर्शियल संस्थानों के लिए LPG गैस की सप्लाई बंद कर दी गई है, जिससे देश में बड़ा ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
इजरायल यात्रा और "मूक सहमति"
विपक्षी दलों, जिनमें केजरीवाल की पार्टी के स्वर भी शामिल हैं, ने पीएम मोदी की 26 फरवरी 2026 की इजरायल यात्रा की आलोचना की। उनका तर्क है कि मोदी के लौटने के ठीक दो दिन बाद इज़रायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, जिसे विपक्ष मोदी की "मूक सहमति" के रूप में देख रहा है।
पीएम मोदी का आधिकारिक रुख
आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की और क्षेत्र में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत ने आधिकारिक तौर पर किसी एक पक्ष का खुला समर्थन करने के बजाय "संवाद और कूटनीति" (dialogue and diplomacy) के माध्यम से शांति बहाली की अपील की है। भारत सरकार का कहना है कि वे इजरायल और ईरान दोनों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों के बीच संतुलन बना रहे हैं और उनकी प्राथमिकता खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है।




