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गुलमर्ग की बर्फीली वादियों में ‘खेलो इंडिया विंटर गेम्स’ की शुरुआत, 16 राज्यों के 339 एथलीट दिखाएंगेे जोश

गुलमर्ग। उत्तरी-कश्मीर के बर्फीले इलाके में स्थित गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट में आज यानी सोमवार से खेलो इंडिया विंटर गेम्स का छठा संस्करण शुरू हो गया। इसके लिए देश भर से सैकड़ों एथलीट, अधिकारी और पर्यटक डेरा डालेंगे। इस उद्घाटन के मौके पर जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि क्षेत्र आतंकवाद का कड़ा मुकाबला करेगा। इसके साथ ही पर्यटन और खेलों को विकास के प्रमुख चालकों के रूप में बढ़ावा भी देगा। वहीं, इस कड़ी में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल और सीएम ने भी प्रतिक्रकिया दी है।
खेलो इंडिया विंटर गेम्स में नए खिलाड़ी होंगे पैदा
जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स में नए खिलाड़ी पैदा होंगे, जिससे आने वाले खेलों में हम बेहतर खिलाड़ी भेज पाएंगे और बेहतर प्रदर्शन होगा। खेलो इंडिया विंटर गेम्स में 16 राज्यों के 339 एथलीट शामिल हो रहे हैं। इसके साथ उनके कोच और सहायकों की संख्या मिलाकर लगभग 1000 सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। इस चार दिनों तक चलने वाले खेल के आयोजन का मकसद राष्ट्रीय स्तर पर नए खिलाड़ियों को मान देना है।
भारत की ताकत का उत्सव है
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि मैं मानता हूं कि यह अवसर महज एक आयोजन नहीं है बल्कि भारत में जम्मू कश्मीर की पहचान और यहां की एकता और भारत की ताकत का उत्सव है।
पहले से बढ़ी प्रतिस्पर्धा
मनोज सिन्हा ने कहा कि हाल के वर्षों में जम्मू कश्मीर के एथलीट्स ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। भारत सरकार की ओर से और जम्मू कश्मीर की तरफ से जो स्पोर्ट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर दिया गया है। इससे यह कंपटीशन कार्यक्रम के साथ राष्ट्रीय उत्सव बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि आपके धैर्य साहस की परीक्षा है।
बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरी
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एशियन ओलम्पिक विंटर गेम्स में मेडल ला नहीं सके। यह हमारी गलती हुई। उन्होंने कहा कि हमें समय रहते बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा, जिससे हमारे खिलाड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो और दुनिया के मंच पर वह बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
आर्टिफिशियल स्नो तैयार करना होगा
उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि आने वाले दिनों में आर्टिफिशियल स्नो तैयार करना पड़ेगा क्योंकि यदि हम ऐसा नहीं करते हैं तो एक दिन ऐसा आएगा कि जब हम गुलमर्ग में स्कीइंग कर ही नहीं पाएंगे। इसलिए इस उम्मीद के साथ की गुलमर्ग को एक इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के तौर पर हम डेवलप करते रहेंगे ताकि भारत को भी फायदा हो सके। हालांकि फरवरी का माह इसके लिए उपयुक्त है।




