Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

मिडिल ईस्ट युद्ध की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है, पिछले साल में जीडीपी की वृद्धि से अधिक नुकसान, UN की रिपोर्ट का खुलासा...

Aryan
1 April 2026 11:13 AM IST
मिडिल ईस्ट युद्ध की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है, पिछले साल में जीडीपी की वृद्धि से   अधिक नुकसान, UN की रिपोर्ट का खुलासा...
x
प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते लगभग 40 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर गहरा असर पड़ रहा है। दरअसल संयुक्त राष्ट्र के एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि पश्चिम एशिया के देशों में पिछले साल जितनी जीडीपी बढ़ोतरी हुई थी, ईरानी जंग के कारण अब तक नुकसान हो चुका है। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि युद्ध जितना लंबा खिंचेगा उतना ही नुकसान बढ़ेगा।

बेरोजगारी दर में हो सकती है वृद्धि

दरअसल इकोनॉमिक एंड सोशल इम्प्लिकेशंस फॉर द अरब स्टेट्स रीजन' शीर्षक वाली एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बेरोजगारी दर में लगभग 4 प्रतिशत अंकों तक वृद्धि हो सकती है, जिससे लगभग 36 लाख नौकरियां खत्म हो सकती हैं। जानकारी के मुताबिक, इन प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते लगभग 40 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव ने दी यह सलाह

यूएनडीपी के अरब देशों के क्षेत्रीय ब्यूरो के निदेशक और संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव अब्दल्लाह अल दरदारी ने बताया कि यह संकट क्षेत्र के देशों के लिए चेतावनी है कि वे अपनी राजकोषीय, क्षेत्रीय और सामाजिक नीतियों की रणनीति पर पुनर्विचार करें। यह क्षेत्र के विकास पथ में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे निष्कर्ष इस बात पर जोर देते हैं कि क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना जरूरी है, ताकि अर्थव्यवस्थाओं को हाइड्रोकार्बन आधारित वृद्धि पर निर्भरता से बाहर निकालकर अर्थव्यवस्थाओं का विविधीकरण किया जा सके। इसके साथ ही उत्पादन के आधार का विस्तार हो, व्यापार और लॉजिस्टिक्स प्रणाली सुरक्षित बने और आर्थिक साझेदारियां बढ़ें, जिससे संघर्षों के प्रभाव को कम किया जा सके।

Next Story