
- Home
- /
- मुख्य समाचार
- /
- दूध बना जान का दुश्मन:...
दूध बना जान का दुश्मन: आंधप्रदेश में मिलावटी दूध पीने से चार की मौत, 14 लोग अस्पताल में भर्ती, सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने लिया संज्ञान

अमरावती। आंध्र प्रदेश से दूध में मिलावट का एक मामला सामने आया है। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के राजमहेंद्रवी नगर से पिछले दो दिनों में चार मौतों की खबरें आई हैं, जो कथित रूप से यूरिन पास नहीं होने की वजह से हुई हैं। वहीं, कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना को स्वास्थ्य अधिकारियों ने दूध में मिलावट के शक को गंभीरता से लिया है। इस घटना को सीएम ने भी संज्ञान में लिया है।
तीन लोगों की हालत गंभीर
जानकारी के मुताबिक, हॉस्पिटल में इलाज करा रहे दो लोगों की मौत हो गई। इनकी पहचान एस. शेषगिरी राव (72) और राधा कृष्णमूर्ति (74) के तौर पर हुई है, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इससे पहले दो लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी पीड़ित ईस्ट गोदावरी जिले के राजमुंदरी शहर के लाला चेरुवु और चौदेश्वरी नगर के निवासी हैं।
14 लोग अस्पताल में हुए भर्ती
स्थानीय प्रशासन ने जानकारी दी 15 फरवरी से अब तक कम से कम 14 लोगों को एनुरिया के लक्षणों की वजह से अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। सभी प्रभावित परिवार एक जगह से दूध लेते हैं। इस मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शक है कि दूध में मिलावट की वजह से एनुरिया हुआ है। इनमें से अधिकतर पीड़ित बुजुर्ग हैं। बीमार हुए लोगों में से एक तीन वर्षीय बच्चा और एक पांच महीने का शिशु भी शामिल है।
पीड़ितों ने पुलिस को दी जानकारी
पीड़ितों ने पुलिस को जानकारी दी कि महाशिवरात्रि (15 फरवरी) को दूध बेचने वाले ने जो दूध और दही दिया था, उसका स्वाद कड़वा था।
दूध बेचने वाले लिया गया हिरासत में
पुलिस ने पूछताछ के लिए दूध बेचने वाले को हिरासत में लिया है। ईस्ट गोदावरी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम जांच के बाद पता चलेगा। इस मामले की मेडिकल जांच में तेजी लाने के लिए मेडिकल और हेल्थ डिपार्टमेंट की स्पेशल टीमों को बहाल किया गया है। प्रभावित इलाकों से दूध, पानी के सैंपल और दूसरी चीजें इकट्ठा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
इस मामले में सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने आज यानी सोमवार को एक हाई-लेवल मीटिंग में स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। सीएम ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, एसपी, मेडिकल और हेल्थ डिपार्टमेंट और फूड सेफ्टी अधिकारियों को पीड़ितों को बेहतर इलाज कराने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों ने सीएम को दी जानकारी
मीटिंग के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एक वेंडर प्रभावित इलाकों के 106 घरों में दूध बांट रहा था। दूध पीने वाले 75 परिवारों से सैंपल इकट्ठा किए गए हैं, जबकि दूसरों से भी सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं। सभी सैंपल टेस्टिंग के लिए लैब भेज दिए गए हैं।
लैब टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार
अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल कैंप के साथ-साथ रैपिड टेस्ट मेडिकल कैंप भी लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने दूध के सैंपल के लैब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद वेंडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।




