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नासा का आर्टेमिस-2 पृथ्वी पर लौटा, चांद पर इंसानों की स्थाई मौजूदगी की बनी उम्मीद!

Aryan
11 April 2026 9:22 AM IST
नासा का आर्टेमिस-2 पृथ्वी पर लौटा, चांद पर इंसानों की स्थाई मौजूदगी की बनी उम्मीद!
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इस यात्रा ने चंद्र अभियानों के नए दौर की शुरुआत की है।

नई दिल्ली। नासा का आर्टेमिस-2 पृथ्वी पर लौट आया है। सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित वापस आए। मिशन ने दूरी का नया रिकॉर्ड बनाया। भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वापसी के दौरान कैप्सूल बेहद गर्म गैसीय परत से घिर गया और कुछ मिनटों के लिए संपर्क भी टूट गया।

आधी सदी बाद इंसानों की ऐतिहासिक चंद्र यात्रा थी

नासा का आर्टेमिस-2 मिशन सफल रहा और चारों अंतरिक्ष यात्री 10 दिन बाद सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। उनका ओरियन यान प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरा। यह आधी सदी बाद इंसानों की ऐतिहासिक चंद्र यात्रा थी, जिसमें उन्होंने चंद्रमा के अनदेखे हिस्से और पूर्ण सूर्य ग्रहण को देखा। यह लैंडिंग स्थानीय समय अनुसार रात 8:07 बजे और भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल की सुबह 5:37 बजे हुई। कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास हुई इस लैंडिंग का सीधा प्रसारण भी किया गया। यह आधी सदी से ज्यादा समय बाद इंसानों की पहली चंद्र यात्रा का समापन था। चार सदस्यीय दल के लिए यह एक ऐतिहासिक वापसी रही।

पहले कभी इंसानों ने नहीं देखा था

मिशन के दौरान उन्होंने चंद्रमा के उस हिस्से को देखा, जिसे पहले कभी इंसानों ने नहीं देखा था। साथ ही उन्होंने पूर्ण सूर्य ग्रहण का भी अनुभव किया। कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन तेज रफ्तार से पृथ्वी के वातावरण में दाखिल हुए। उनकी गति आवाज की गति से 33 गुना थी। उनका ओरियन कैप्सूल 'इंटेग्रिटी' स्वचालित तरीके से समुद्र में उतरा। वापसी के दौरान कैप्सूल बेहद गर्म गैसीय परत से घिर गया और कुछ मिनटों के लिए संपर्क भी टूट गया। इस दौरान सुरक्षा कवच पर सबकी नजर थी, जिसे बहुत ज्यादा तापमान सहना था।

यह मिशन चंद्रमा पर उतरा नहीं

सैन डिएगो तट के पास बचाव दल पहले से तैनात था। जहाज और हेलीकॉप्टर मौके पर मौजूद रहे। 1972 के बाद यह पहला मौका है, जब इस तरह चंद्र मिशन से वापसी हुई है। अंतरिक्ष यान बेहद तेज गति से लौटा। लेकिन धीरे-धीरे रफ्तार कम करते हुए सुरक्षित समुद्र में उतर गया। चंद्र अभियानों के नए दौर की शुरुआत

यह मिशन 1 अप्रैल को फ्लोरिडा से प्रक्षेपित किया गया था। इसने चंद्र अभियानों के नए दौर की शुरुआत की है। इसे भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी ठिकाना बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह मिशन चंद्रमा पर उतरा नहीं। लेकिन इसने दूरी का नया रिकॉर्ड बनाया। अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तक पहुंचे।

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