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निर्मला सीतारमण के कई बड़े ऐलान! जानें किन सेक्टरों को क्या मिला...

नई दिल्ली। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण शुरू होते ही देश की अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों में मन में हलचल पैदा होने लगी। आज बजट 2026 में उन्होंने कई ऐसे ऐलान किए, जिनका असर सीधे आम आदमी से लेकर उद्योग, स्टार्टअप, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तक दिखने वाला है। आइए जानते हैं बजट 2026 के बड़े ऐलानों के बारे में।
बायोफॉर्मा शक्ति मिशन की पहल करना
सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ ‘बायोफॉर्मा शक्ति’ पहल शुरू करने का ऐलान किया है, जिसका मकसद देश की बायोफार्मा क्षमताओं को नई मजबूती देना है।
हाईटेक टूल रूम और माइनिंग कॉरिडोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दो अत्याधुनिक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही केरल और तमिलनाडु में नए माइनिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लाना
सरकार ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके तहत तकनीकी क्षमता बढ़ाने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए उद्योग के नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर खास फोकस रहेगा।
चार राज्यों में रेयर-अर्थ कॉरिडोर
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज संपन्न राज्यों में समर्पित ‘रेयर-अर्थ कॉरिडोर’ बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि दुर्लभ मृदा खनिजों और स्थायी चुम्बकों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
SME ग्रोथ फंड का ऐलान: छोटे और मझोले उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए बजट 2026 में 10,000 करोड़ रुपये का विशेष SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है, जिससे रोजगार सृजन होगा और चयनित मानदंडों पर खरे उतरने वाले MSME को प्रोत्साहन मिलेगा।
वस्त्र उद्योगों के लिए एकीकृत कार्यक्रम
खादी,हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का शुभारंभ। वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को बढ़ावा और आधुनिकता के लिए समर्थ 2.0 मिशन। प्राकृतिक, मानव निर्मित और न्यू ऐज फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना।
कार्बन कैप्चर के उपयोग और भंडारण
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कार्बन कैप्चर के उपयोग और भंडारण (CCUS) तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य इन तकनीकों को बड़े पैमाने पर लागू करना और विभिन्न अंतिम उपयोग क्षेत्रों में उनकी तैयारी और उपयोग क्षमता को और मजबूत करना है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास को बढ़ावा
सरकार ने सार्वजनिक अवसंरचना को बड़े स्तर पर मजबूत करने के लिए कई पहल की। आने वाले समय में 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खास जोर जारी रहेगा, क्योंकि ये शहर अब तेजी से उभरते हुए ग्रोथ सेंटर बन चुके हैं।
20 नए जलमार्ग बनाने की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कार्गो परिवहन को ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से पूर्व में दानकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए समर्पित माल गलियारे विकसित करने की घोषणा की है। सरकार अगले पांच वर्षों में देशभर में 20 नए अंतर्देशीय जलमार्ग चालू करने की योजना पर काम करेगी। इसकी शुरुआत ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग-5 से की जाएगी।
हाई पावर्ड स्टैंडिंग कमिटी का होगा गठन
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रोजगार पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करने के लिए सरकार एक हाई पावर्ड स्टैंडिंग कमिटी गठित करेगी। यह समिति AI से पैदा होने वाली चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कर भविष्य की रोजगार नीति के लिए सुझाव देगी।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और बैंकिंग सुधार
सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। ये कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी को जोड़ेंगे, जिससे तेज और हरित यात्रा संभव हो सकेगी। वहीं, वित्तीय क्षेत्र में, भारतीय बैंकों की मजबूत बैलेंस शीट, रिकॉर्ड मुनाफा और बेहतर एसेट क्वालिटी को देखते हुए बैंकिंग सुधारों के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो भविष्य की जरूरतों के अनुसार सेक्टर को और मजबूत बनाने का रोडमैप तैयार करेगी।




