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अब नीट छात्रा के गुनहगार की खैर नहीं! DNA मैच करना CBI के लिए बनी बड़ी चुनौती, इतने लोगों के पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी

पटना। बिहार के चर्चित NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है। दरसल CBI अब जांच को आगे बढ़ाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट का सहारा ले सकती है। सूत्रों के अनुसार, करीब CBI 10 लोगों का पॉलीग्राफ मतलब लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का सोच रही है। हालांकि इसके लिए संबंधित व्यक्तियों की सहमति और अदालत की अनुमति लेनी होगी।
अब तक कोई अहम सुराग नहीं
जानकारी के अनुसार, केस अपने हाथ में लेने के बाद CBI की टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची थी, जहां से दो बैग में कई अहम साक्ष्य जब्त किए गए। लेकिन एजेंसी की सबसे बड़ी चुनौती छात्रा के कपड़ों से मिले स्पर्म के डीएनए और संदिग्ध आरोपी के डीएनए सैंपल से मैच कराना है। केस टेकओवर के 12 दिन बाद CBI की टीम एक बार फिर हॉस्टल पहुंची। इस दौरान टीम हॉस्टल संचालिका और दो वार्डेन के साथ परिसर में करीब दो घंटे तक जांच-पड़ताल की गई।
DNA मैच करना सबसे बड़ी चुनौती
दरअसल जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रा के कपड़ों से मिले स्पर्म के DNA का आरोपी के DNA सैंपल को मैच करना है। इस मिलान के आधार पर ही जांच की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी। फिलहाल CBI टीम अब तक जुटाए गए सबूतों और पूछताछ में मिली जानकारी
10 लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जा सकता है
जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी सच उगलवाने के लिए लगभग 10 लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट करा सकती है। इससे पहले CBI छात्रा के गांव जहानाबाद में परिजनों से लंबी पूछताछ कर चुकी है। वहीं, गया में मामा-मामी से भी पूछताछ की जा चुकी है। जिन अस्पतालों में छात्रा का इलाज हुआ, वहां से भी सभी जानकारी ले ली गई।
टीम जाएगी जहानाबाद
छात्रा के कमरे का निरीक्षण किया गया। उस युवक से भी पूछताछ की गई जिसने सबसे पहले दरवाजा तोड़कर छात्रा को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला था। इसके साथ ही उस गार्ड को भी बुलाया गया, जिसने छात्रा को गोद में लेकर नीचे उतारा था। सूत्रों के मुताबिक, CBI की टीम दोबारा जहानाबाद जाकर परिजनों से भी अतिरिक्त जानकारी जुटा सकती है। छात्रा के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।




