Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

दुनिया में 95 तरह के धातुओं में सिर्फ चमक के लिए पसंदीदा नहीं है सोना-चांदी, जानें इसके पीछे का विज्ञान

Anjali Tyagi
6 Feb 2026 2:00 PM IST
दुनिया में 95 तरह के धातुओं में सिर्फ चमक के लिए पसंदीदा नहीं है सोना-चांदी, जानें इसके पीछे का विज्ञान
x

नई दिल्ली। यह एक बहुत ही दिलचस्प सवाल है। पीरियोडिक टेबल (आवर्त सारणी) में 118 तत्व हैं, जिनमें से लगभग 95 धातुएं हैं। लेकिन जब बात गहनों, सिक्कों या निवेश की आती है, तो सोना और चांदी ही बाजी मार ले जाते हैं। इसके पीछे सिर्फ 'चमक' नहीं, बल्कि ठोस रसायन विज्ञान और अर्थशास्त्र छिपा है। सोना और चांदी अपनी सुंदरता, रासायनिक स्थिरता और दुर्लभता के उस 'स्वीट स्पॉट' पर हैं, जहां कोई दूसरी धातु नहीं टिकती। यही कारण है कि हजारों सालों से इंसान इनके पीछे दीवाना है।

1. चयन की प्रक्रिया: बाकी धातुएं बाहर क्यों हुईं?

अगर हम 'परफेक्ट' धातु चुनना चाहें, तो रिजेक्शन लिस्ट कुछ ऐसी दिखेगी:

गैसीय और तरल तत्व- नाइट्रोजन या ऑक्सीजन से सिक्के नहीं बन सकते। पारा (Mercury) धातु है लेकिन कमरे के तापमान पर तरल और जहरीला है।

क्षारीय धातु (Alkali Metals)- लिथियम या सोडियम जैसे धातु बहुत सक्रिय होते हैं। अगर आप सोडियम की अंगूठी पहनकर हाथ धोएंगे, तो वह आपके हाथ पर ही फट जाएगी!

रेडियोधर्मी तत्व- यूरेनियम या प्लूटोनियम जैसे तत्वों से गहने बनाना खुद को मौत की दावत देने जैसा है।

आम धातु (Common Metals)- लोहा, तांबा और एल्युमिनियम बहुत उपयोगी हैं, लेकिन इनमें एक बड़ी समस्या है- जंग (Corrosion)। लोहा हवा और नमी के संपर्क में आते ही खत्म होने लगता है।

2. सोने की 'अमरता' (The Chemistry of Gold)

सोना रासायनिक रूप से बहुत 'अक्रिय' (Inert) होता है। इसका मतलब है,यह ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता (इसमें कभी जंग नहीं लगता)। यह हजारों सालों बाद भी वैसा ही चमकता रहेगा जैसा वह जमीन से निकलते वक्त था। प्राचीन मिस्र के मकबरों से निकला सोना आज भी अपनी चमक नहीं खोया है। यही "स्थायित्व" इसे मूल्यवान बनाता है।

3. चांदी की खासियत और चुनौती

चांदी को उसकी अत्यधिक चमक और बिजली की Conductivity के लिए पसंद किया जाता है। चांदी सोने की तुलना में थोड़ी अधिक सक्रिय है। यह हवा में मौजूद सल्फर के साथ प्रतिक्रिया करके काली पड़ने लगती है। यह सोने से सस्ती है और इसमें अद्भुत औषधीय गुण भी होते हैं, इसलिए इसे बर्तनों और गहनों में जगह मिली।

4. दुर्लभता का संतुलन

एक अच्छी मुद्रा या कीमती धातु के लिए वह न तो बहुत आम होनी चाहिए और न ही बहुत दुर्लभ। अगर हम लोहे को कीमती मानते, तो हर कोई अमीर होता क्योंकि लोहा हर जगह है। अगर हम ओस्मियम या रोडियम को चुनते, तो वे इतने दुर्लभ हैं कि व्यापार करना असंभव होता। सोना और चांदी इस मामले में एकदम सटीक बैठते हैं-इन्हें खोजना मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं।

5. भौतिक गुण

सोना और चांदी बहुत लचीले होते हैं। मात्र 1 ग्राम सोने से लगभग 2 किलोमीटर लंबी पतली तार खींची जा सकती है। इस लचीलेपन के कारण इनसे बहुत बारीक और सुंदर नक्काशी वाले गहने बनाना आसान होता है, जो प्लैटिनम या टाइटेनियम जैसी सख्त धातुओं के साथ कठिन है।

Next Story