Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

रंगभरी एकादशी में अबीर-गुलाल से काशी विश्वनाथ का होगा तिलक! होगी रंगोत्सव की शुरुआत

Anjali Tyagi
26 Feb 2026 7:00 PM IST
रंगभरी एकादशी में अबीर-गुलाल से काशी विश्वनाथ का होगा तिलक! होगी रंगोत्सव की शुरुआत
x

वाराणसी। 2026 में रंगभरी एकादशी (आमलकी एकादशी) का पर्व 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। काशी (वाराणसी) में इस दिन से छह दिवसीय होली उत्सव की भव्य शुरुआत होती है। यहां स्थिति बाबा विश्वनाथ के मंदिर दर्शन के लिए दुनियाभर से श्रद्धालु आते हैं। परंपरा के अनुसार काशी विश्वनाथ में रंगभरी एकादशी पर अबीर-गुलाल चढ़ाया जाएगा।

महत्वपूर्ण समय और मुहूर्त

एकादशी तिथि प्रारंभ: 26 फरवरी 2026 को रात 12:33 बजे।

एकादशी तिथि समाप्त: 27 फरवरी 2026 को रात 10:32 बजे।

व्रत का दिन: उदया तिथि के अनुसार 27 फरवरी 2026 को व्रत रखा जाएगा。

पारण का समय: 28 फरवरी को सुबह 06:47 से 09:06 के बीच।

काशी विश्वनाथ में विशेष उत्सव

बाबा का गौना: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का 'गौना' (विवाह के बाद प्रथम आगमन) कराकर पहली बार काशी लाए थे।

रंगोत्सव: इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ और माता गौरा का विशेष श्रृंगार होता है और उन्हें अबीर-गुलाल अर्पित किया जाता है।

शोभा यात्रा: बाबा की पालकी निकाली जाती है, जिसमें भक्त हवा में गुलाल उड़ाकर होली की शुरुआत करते हैं।

पूजा विधि और परंपराएं

आंवला पूजा: इसे आमलकी एकादशी भी कहते हैं, इसलिए इस दिन भगवान विष्णु के साथ आंवले के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

शिव-पार्वती आराधना: दांपत्य सुख के लिए भक्त माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री और महादेव को 11 बेलपत्र अर्पित करते हैं।

Next Story