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चारधाम यात्रा 2026 में बचे हैं अब सिर्फ 50 दिन, शासन-प्रशासन ने किया तैयारी का श्रीगणेश, जानें इस बार कैसी रहेगी व्यवस्था

ऋषिकेश। चारधाम यात्रा होने जा रही है। जिसको लेकर भक्तों में भारी उत्साह बना हुआ है। वहीं सरकारी स्तर पर तैयारी का श्रीगणेश कर दिया गया है। बता दें कि अब चारधाम यात्रा शुरू होने में 50 दिन से भी कम समय शेष है। शासन-प्रशासन स्तर पर इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। यात्रा मार्ग में 6500 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। पूरे मार्ग को 10-10 किलोमीटर के सेक्टर में बांटा जाएगा। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने आज यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर सारी व्यवस्थाएं देखी।
सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
पुलिस चप्पे-चप्पे पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था बनाएगी। साथ ही पिछले वर्षों की यात्राओं के अनुभवों को शामिल करते हुए छोटे से छोटे हर बिंदु पर काम किया जा रहा है। बाकी विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है। गढ़वाल कमिश्नर ने बताया कि 31 मार्च तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की समयसीमा तय की गई है।
पंजीकरण करवाकर चारधाम यात्रा में आने वाले लोगों को उनके मोबाइल नंबर पर संदेश के जरिये रूट डायवर्जन और खराब मौसम की जानकारी दी जाएगी। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि पिछले साल भी इस तरह की व्यवस्था की गई थी जो कारगर रही थी। इसलिए इस साल भी लोगों को पहले ही संदेश भेज दिए जाएंगे ताकि वो अपनी यात्रा उसी हिसाब से प्लान करें। सभी धामों में सुरक्षा व्यवस्था बनाने और भीड़ के सही अनुमान के लिए सीसीटीवी और एनपीआर कैमरे लगाए गए हैं।
भीड़ नियंत्रण पर होगा फोकस
बता दें कि राजीव स्वरूप ने बताया कि आगामी यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है। इसलिए भीड़ नियंत्रण के लिए अलग से कार्ययोजना बनाई जा रही है। हर जिले में भीड़ नियंत्रण का अलग-अलग प्लान होगा। जिला पुलिस उस पर काम करेगी। पहाड़ों में भीड़ बढ़ने पर बाहर से आने वाले यात्रियों को हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश जैसे स्थानों पर रोका जाएगा। यहां उनके रुकने, खाने आदि की व्यवस्थाएं रहेंगी।
भूस्खलन क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की रहेगी तैनाती
जानकारी के मुताबिक पुलिस विभाग ने चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले भूस्खलन क्षेत्रों की सूची तैयार की है। जिसके बाद इन सभी स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही इन स्थानों जेसीबी तैनात रहेंगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, एनएच और बीआरओ की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।




