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ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष लाएगा अविश्वास प्रस्ताव, आज दोपहर 12 बजे प्रस्ताव पेश होने की संभावना

नई दिल्ली। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने के प्रस्ताव को आज यानी सोमवार को पेश किया जाएगा। इस नियम के तहत सदन के अध्यक्ष के बुलाए जाने पर यदि 50 सदस्य खड़े हो जाएंगे, तो प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी फिर मतदान की प्रक्रिया होगी। वहीं, यदि 50 सदस्य प्रस्ताव के समर्थन में खड़े नहीं हुए तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सांसदों को इस मुद्दे पर चर्चा करने कि लिए उपस्थित रहने को कहा है।
ये करेंगे प्रस्ताव पेश
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक, यह प्रस्ताव आज यानी 9 मार्च को सदन में पेश किया जाएगा। यह प्रस्ताव कांग्रेस के तीन सदस्य मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लु रवि के द्वारा पेश किया जाएगा। दरअसल इस प्रस्ताव में स्पीकर के आचरण पर सवाल उठाया गया है, जिसमें उन्होंने विपक्ष के नेता और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने से रोका था। इसके अलावा विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किए जाने का भी जिक्र किया गया है।
ओम बिरला पर लगे आरोप
विपक्ष के अनुसार, बिरला ने सदन के सभी वर्गों का विश्वास हासिल करने के लिए आवश्यक निष्पक्ष रवैया बनाए रखना बंद कर दिया है और अपने पक्षपातपूर्ण रवैये से उन्होंने सदन के सदस्यों के अधिकारों की अवहेलना की है।प्रस्तावित प्रस्ताव में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिरला विवादित सभी मामलों पर खुले तौर पर सत्ताधारी सरकार का ही पक्ष लेते हैं।
संविधान के नियम
इस मामले संविधान बिरला को सदन में उपस्थित रहने की अनुमति देता है। वे अपना बचाव कर सकते हैं और प्रस्ताव पर मतदान कर सकते हैं, लेकिन जब मामले पर चर्चा हो रही हो तो वे कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते हैं। लोकसभा सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रश्नकाल के बाद दोपहर करीब 12 बजे यह प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
118 सांसदों ने किए हस्ताक्षर
विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण में लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस दाखिल किया था, जिस पर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए। उस समय तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे लेकिन अब पार्टी ने कहा है कि वह अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी। नियमानुसार, अविश्वास प्रस्ताव के लिए दो सांसदों के हस्ताक्षर 14 दिन का नोटिस और सदन के 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।




