Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

जिस्मानी जख्म से भी दर्द होता है, मगर चोट जब...तेजस्वी के चोट पर बहन रोहिणी ने किया तंज, सोशल मीडिया पर पोस्ट मचा घमासान

Shilpi Narayan
2 Feb 2026 7:00 PM IST
जिस्मानी जख्म से भी दर्द होता है, मगर चोट जब...तेजस्वी के चोट पर बहन रोहिणी ने किया तंज, सोशल मीडिया पर पोस्ट मचा घमासान
x

नई दिल्ली। रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। वो अक्सर अपनी दिल की बात सोशल मीडिया के जरिए बयां करती हैं। आए दिन उनके पोस्ट नए सियासी बवाल बना रहता है। इस बीच उन्होंने अपने नए पोस्ट से नया सियासी हलचल पैदा कर दिया है। दरअसल, उन्होंने भाई तेजस्वी यादव का खुल तौर पर विरोध करने वाली पोस्ट की है।

पारिवारिक रिश्तों को लेकर माना जा रहा है

रोहिणी आचार्य ने आज एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जिस्मानी जख्म से भी दर्द होता है, मगर चोट जब दिल पर लगती है दर्द बेइंतहा होता है। अब रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में किसी का नाम तो नहीं लिखा, लेकिन कहीं ना कहीं उनका इशारा उनके पारिवारिक रिश्तों को लेकर माना जा रहा है। बता दें कि रोहिणी आचार्य ने बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही खुद को राजद और अपने परिवार से अलग कर लिया था। उन्होंने इसके लिए तेजस्वी को जिम्मेदार बताया था।

आपको घर से निकाल दिया जाएगा

रोहिणी आचार्य ने उस समय यह तक कह दिया था मेरे घर छोड़ने के बारे में तेजस्वी को बताना चाहिए। रोहिणी ने मीडिया से कहा था कि अगर संजय और रमीज का नाम लिया जाएगा, तो आपको घर से निकाल दिया जाएगा। आपको बदनाम किया जाएगा। आपको गाली दिलवाया जाएगा। आपके ऊपर चप्पल उठाकर मारा जाएगा।

पार्टी को बर्बादी की कगार पर ला कर खड़ा कर दिया

हाल ही में जब तेजस्वी यादव को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया तब भी बहन रोहिणी ने निशाना साधने का मौका नहीं छोड़ा था। उन्होंने एक्स पर लिखा कि लालू जी और पार्टी के लिए किसने क्या किया ये तो लोकसभा, हालिया संपन्न विधानसभा के चुनावी नतीजों और पार्टी की वर्त्तमान स्थिति से ही साफ है, जिसे जिम्मेदारी सौंपी गई उसने, उसके आयातित गुरु और उस गुरु के गुर्गों ने तो लालू जी और पार्टी के प्रति समर्पित हरेक लालूवादी के दशकों के संघर्ष एवं प्रयासों को धो-पोछकर पार्टी को बर्बादी की कगार पर ला कर खड़ा कर दिया।

हिम्मत जुटानी चाहिए ज्ञान कौन दे रहा

रोहिणी ने आगे लिखा कि सवाल पहले भी उठे थे, आज भी सवाल उठ रहे हैं, आगे भी उठेंगे, अगर नैतिक साहस है तो खुले मंच पर सवालों का सामना करने की हिम्मत जुटानी चाहिए ज्ञान कौन दे रहा और ज्ञान देने की बात कर सच्चाई से मुंह कौन चुरा रहा, ये साफ हो जाएगा।a

Next Story