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पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी की उच्चस्तरीय बैठक शुरू, अमित शाह समेत कई मंत्री शामिल...

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी आज यानी रविवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत पर पड़ने वाले उसके प्रभाव की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल समेत कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल हैं।
इस बैठक की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान: मुख्य फोकस कच्चे तेल (Crude Oil), प्राकृतिक गैस, एलपीजी (LPG) और बिजली आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने पर है।
आपूर्ति श्रृंखला की समीक्षा: सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय रसद (logistics) और वितरण नेटवर्क प्रभावित न हो और घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।
भारतीयों की सुरक्षा: बैठक में खाड़ी देशों में रह रहे और वहां फंसे हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित निकासी (यदि आवश्यकता हो) पर भी चर्चा की गई है।
हवाई किराये पर फैसला: संघर्ष के बीच ने घरेलू उड़ानों के विमामन मंत्रालय ने अधिकतम किराये की सीमा को हटा दिया है, जो 23 मार्च से लागू होगा।
मिडिल ईस्ट में जंग से एनर्जी संकट
इससे पहले पीएम मोदी ने कहा था कि वेस्ट एशिया में युद्ध ने दुनिया भर में एनर्जी संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय चरित्र का एक अहम टेस्ट बताया था, जिसके लिए शांति, धैर्य और ज्यादा जन जागरूकता के साथ स्थिति को संभालने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया था कि सरकार इंटरनेशनल सप्लाई चेन में रुकावटों को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, सप्लाई चेन में आई रुकावटों को दूर करने के लिए भी लगातार कोशिशें चल रही हैं।
होर्मुज में गतिरोध से सप्लाई प्रभावित
ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रही लड़ाई का तीसरे हफ्ता चल रहा है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के साथ शुरू हुई थी, तब से यह और बढ़ गई है, जिसमें ईरान ने इजराइल और कई खाड़ी पड़ोसियों पर जवाबी कार्रवाई की है।




