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होली पर चंद्र ग्रहण को लेकर प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को दी सलाह, जान लें वरना होगा पछतावा

नई दिल्ली। आए दिन भक्त प्रेमानंद महाराज से भक्ति के रास्ते और रोजमर्रा की जिंदगी की उलझनों का हल मांगते हैं। ऐसे में होली और चंद्र ग्रहण के इस दुर्लभ संयोग पर वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज ने भक्तों को विशेष सावधानी बरतने और आध्यात्मिक लाभ उठाने की सलाह दी है।
प्रेमानंद महाराज द्वारा बताए गए उपाय
महाराज जी के अनुसार, ग्रहण काल में किया गया जप कई गुना अधिक फलदायी होता है। उन्होंने भक्तों को अपने इष्ट देव के नाम का निरंतर मानसिक जप करने की सलाह दी है। सूतक काल शुरू होने के बाद और ग्रहण के दौरान भोजन करने से बचना चाहिए। यदि आवश्यक हो, तो पहले से तैयार भोजन और पानी में तुलसी का पत्ता डालकर रखें ताकि वह शुद्ध रहे। ग्रहण समाप्त होने के बाद तुरंत सामान्य दिनचर्या में न लौटें। महाराज जी ने बताया कि ग्रहण के बाद कम से कम आधे घंटे तक जप जारी रखें, फिर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और सामर्थ्य अनुसार गरीबों को दान-पुण्य करें। महाराज जी ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि होली के नाम पर नशा, उदंडता या किसी को नुकसान पहुंचाने वाले काम न करें, क्योंकि यह भक्ति का मार्ग नहीं है।
ग्रहण का समय
भारतीय समयानुसार, यह चंद्र ग्रहण दोपहर लगभग 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।




