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एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक की अध्यक्ष ने दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का किया दौरा, यात्री-केंद्रित सुविधाओं को सराहा

नई दिल्ली। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की अध्यक्ष जो जियाई ने आज एआईआईबी के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का दौरा किया। उनका स्वागत एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने किया। साथ ही एनसीआरटीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
अग्रणी पहलों की जानकारी शामिल
दौरे की शुरुआत सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से हुई, जहां एआईआईबी की अध्यक्ष को भारत के प्रथम नमो भारत के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें परियोजना का समग्र विवरण, इसमें उपयोग की गई उन्नत तकनीकों तथा अग्रणी पहलों की जानकारी शामिल थी।
यह एक मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब भी है
सराय काले खां इस कॉरिडोर के प्रारंभिक और सबसे बड़े स्टेशनों में से एक है। यह एक मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब भी है, जो मेट्रो, रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, सिटी बस स्टैंड और रिंग रोड से निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करता है, जिसका प्रतिनिधिमंडल ने स्वयं अनुभव किया। सुश्री जियाई को यह भी अवगत कराया गया कि फेज़-1 के तीनों प्राथमिकता वाले नमो भारत कॉरिडोर सराय काले खां पर एकीकृत होंगे और इंटरऑपरेबल होंगे। मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन (MMI) के मूल सिद्धांत का पालन करते हुए, आरआरटीएस स्टेशनों को मौजूदा सार्वजनिक परिवहन साधनों के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य एक ऐसा “नेटवर्क ऑफ नेटवर्क्स” विकसित करना है जो अलग-अलग ट्रांजिट विकल्पों के बीच यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करे। इसका लक्ष्य लोगों को अपने निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे दीर्घकालिक स्थिरता भी सुनिश्चित होगी, जो इस 'कैपिटल-इनटेंसिव' अवसंरचना परियोजनाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जमीनी स्तर पर देखा भी जा रहा है
प्रतिनिधिमंडल को यह भी अवगत कराया गया कि नमो भारत किस प्रकार प्रदूषण और जाम जैसी शहरी गतिशीलता की गंभीर चुनौतियों का समाधान दे रहा है तथा एक सतत भविष्य के निर्माण में योगदान दे रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना से प्राप्त होने वाले व्यापक आर्थिक लाभों की सराहना की, जो बहु-केंद्रित (पॉलीसेंट्रिक) विकास को सुनिश्चित करते हैं और पूरे महानगरीय क्षेत्र के परिदृश्य को नया स्वरूप देने की इसकी क्षमता को दर्शाते हैं, जिसका प्रभाव अब जमीनी स्तर पर देखा भी जा रहा है।
दैनिक यात्रियों को पहुंचा रहे हैं लाभ
प्रतिनिधिमंडल ने सराय काले खां से आनंद विहार और वहां से वापसी की यात्रा नमो भारत ट्रेन में की और ट्रेनों तथा स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री-केंद्रित सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया। आनंद विहार स्टेशन पर उन्होंने स्वयं देखा कि मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) के प्रयास किस प्रकार दैनिक यात्रियों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
जीवन-गुणवत्ता में सुधार आया
जियाई ने नमो भारत में अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए एनसीआरटीसी की सराहना की तथा ट्रेनों एवं स्टेशनों के समावेशी डिजाइन की प्रशंसा की। प्रतिनिधियों ने ट्रेन में यात्रियों से संवाद भी किया और नमो भारत में यात्रा के उनके अनुभवों के बारे में जाना। यात्रियों ने बताया कि इस सेवा से उनके आवागमन का समय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है और उनकी जीवन-गुणवत्ता में सुधार आया है।
महिला ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन कंट्रोलरों से किया संवाद
जियाई को एनसीआरटीसी के जेंडर-इनक्लूसिव परिचालन मॉडल के बारे में भी अवगत कराया गया। उन्होंने महिला ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन कंट्रोलरों से संवाद किया, जो कार्यबल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के महिला-नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो नमो भारत को केवल एक तकनीकी मानक के रूप में ही नहीं, बल्कि समान और समावेशी सार्वजनिक परिवहन के प्रतीक के रूप में भी स्थापित करती है। पीएम ने 22 फरवरी को संपूर्ण दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित किया है, जो देश के शहरी गतिशीलता परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी नए अध्याय की शुरुआत है।




