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Republic Day Celebration: दिल्ली सरकार चीलों को 1,270 किलो परोसेगी चिकन, जानें AIR SHOW के लिए क्यूं किया जाएगा ऐसा

Shilpi Narayan
10 Jan 2026 1:20 AM IST
Republic Day Celebration: दिल्ली सरकार चीलों को 1,270 किलो परोसेगी चिकन, जानें AIR SHOW के लिए क्यूं किया जाएगा ऐसा
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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर दिल्ली सहित पूरे देश में तैयारियां जोरो से चल रही है। खास कर देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। दरअसल, गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली के वन विभाग ने आसमान में चीलों की आवाजाही को नियंत्रित करने और विमान मार्गों से दूर रखने के लिए उन्हें मांस परोसने की योजना बनाई है।

चिकन परोसने का एक अनूठा उपाय सुझाया

बता दें कि वन विभाग ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान निर्बाध रूप से एयर शो का संचालन सुनिश्चित करने के लिए चीलों को 1,270 किलोग्राम से अधिक बिना हड्डी वाला चिकन परोसने का एक अनूठा उपाय सुझाया है। दरअसल, इस भव्य समारोह के लिए जेट और लड़ाकू विमानों के हर बार की तरह राष्ट्रीय राजधानी के आसमान में गर्जना करते और उड़ान भरते हुए नजर आने की उम्मीद है। वहीं यह अभ्यास 15 जनवरी से 26 जनवरी के बीच शहर भर के 20 स्थानों पर किया जाएगा, जिसमें लाल किला और जामा मस्जिद जैसे संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं।

पक्षियों को मांस परोसने का किया जाता है अभ्यास

राजधानी के आसमान में गर्जना करते और उड़ान भरते हुए नजर आने की उम्मीद है। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के समन्वय से हर साल एयर शो से पहले पक्षियों को मांस परोसने का अभ्यास किया जाता है। इसका मुख्य कारण पक्षियों के विमानों से टकराने की घटनाओं को रोकना है।

विमानों के लिए गंभीर खतरा

वहीं पक्षी एयर शो के दौरान कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। अधिकारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस एयर शो से पहले किया जाने वाला यह वार्षिक निवारक अभ्यास है। काली चील जैसे पक्षी स्वाभाविक रूप से खुले क्षेत्रों और भोजन स्रोतों की ओर आकर्षित होते हैं, और यदि वे विमानों के निर्धारित मार्गों में प्रवेश करते हैं, तो वे कम ऊंचाई पर करतब दिखाने वाले विमानों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। इस सवाल पर कि इस वर्ष क्या अलग है, अधिकारी ने कहा कि विभाग ने इस बार चिकन मांस का उपयोग करने का निर्णय लिया है। अधिकारी ने कहा कि पहले इस काम के लिए भैंस का मांस इस्तेमाल किया जाता था। इस साल पहली बार मुर्गे का मांस इस्तेमाल किया जाएगा।

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