Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

गाजियाबाद में 16 फरवरी तक धारा 163 लागू, इन चीजों पर रहेगी पाबंदी, जानें जिला प्रशासन ने क्यों लिया यह फैसला

Shilpi Narayan
15 Jan 2026 7:00 PM IST
गाजियाबाद में 16 फरवरी तक धारा 163 लागू, इन चीजों पर रहेगी पाबंदी, जानें जिला प्रशासन ने क्यों लिया यह फैसला
x

गाजियाबाद। गाजियाबाद में आगामी त्योहारों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन ने 16 फरवरी तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिताकी धारा 163 लागू कर दी है। यह निर्णय गणतंत्र दिवस, गुरु रविदास जयंती और महाशिवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से लिया गया है। धारा 163 के तहत जिले में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।

सार्वजनिक सभा की अनुमति नहीं

साथ ही किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस या सार्वजनिक सभा की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि इन आयोजनों के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब करने की आशंका को देखते हुए यह एहतियाती कदम जरूरी है। आदेश के अनुसार, ऐसे व्यक्ति जिनकी गतिविधियों से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की संभावना है, उनका कॉलोनियों और संवेदनशील इलाकों में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। पुलिस को ऐसे लोगों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।

ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी

सुरक्षा को और मजबूत करते हुए सरकारी दफ्तरों के एक किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या शांति भंग करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और आम जनता से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाए जा सकें।

धारा 163 धारा 144 का लिया जगह

धारा 163 का मुख्य संदर्भ वर्तमान में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 से है। जिसने 1 जुलाई 2024 से पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 का स्थान ले लिया है। यह धारा जिला मजिस्ट्रेट या अन्य कार्यकारी मजिस्ट्रेटों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) जारी करने की शक्ति देती है।

Next Story