
- Home
- /
- मुख्य समाचार
- /
- SHAME-SHAME नोएडा...
SHAME-SHAME नोएडा पुलिस! पहले से आज के जाम का पता था, फिर भी कोई बेकअप प्लान नहीं किया, लोग बक रहे हैं गा...

नोएडा। नोएडा में अलग-अलग जगहों पर कर्मचारियों ने हंगामा और प्रदर्शन करते हुए जमकर बवाल किया है। जिसकी वजह से नोएडा की गली-गली में जाम लगा हुआ है। हालांकि इस जाम के बाद नोएडा पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस प्रशासन पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई है। जहां पुलिस को इसके बारे में पहले से पता था इसके बावजूद भी पुलिस ने इस मुसीबत से निपटने के लिए कोई दूसरी व्यवस्था नहीं की। यहां तक कि नोएडा पुलिस पूरी तरह से होपलेश नजर आई।
पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी
बता दें कि सप्ताह के पहले दिन सोमवार को मांगें पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और प्रदर्शन उग्र हो गया। इस दौरान कर्मचारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी और कंपनियों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। कर्मचारियों ने आगजनी करते हुए जमकर बवाल काटा। बताया जा रहा है कि नोएडा में करीब 50 हजार श्रमिक सड़कों पर उतरे हैं। फेज-2 में होजरी कॉम्प्लेक्स के पास कर्मचारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। कुछ कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी को भी नहीं बख्शा। कर्मचारियों ने पुलिस की जीप को पलटकर उसमें जमकर तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी।
नोएडा में जगह-जगह हो रहे बवाल
कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए नोएडा पुलिस प्रशासन हरकत में आया और कई जगह बवाल बढ़ता देख पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं नोएडा में जगह-जगह हो रहे बवाल को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। आगजनी वाले स्थानों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आश्वस्त किया कि प्रशासन श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें
प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी न्यूनतम वेतन की गारंटी, समय पर पूरा वेतन भुगतान, समान कार्य-समान वेतन, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, कार्य समय का नियमन, शोषण पर रोक, ईपीएफ व ईएसआई, ग्रेच्युटी, असंगठित व गिग श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सुरक्षा, छंटनी की स्थिति में विधिक मुआवजा, नोटिस वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, साप्ताहिक अवकाश, महिला श्रमिकों के लिए प्रविधान व शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था आदि की मांगें कर रहे हैं।




