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सिगरेट कंपनियों के शेयरों में हाहाकार! इरेडा के निवेशकों में दौड़ी खुशी की लहर, 1 फरवरी से लागू होंगे नियम

Aryan
1 Jan 2026 8:30 PM IST
सिगरेट कंपनियों के शेयरों में हाहाकार! इरेडा के निवेशकों में दौड़ी खुशी की लहर, 1 फरवरी से लागू होंगे नियम
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नई दिल्ली। सरकार द्वारा सिगरेट पर नया टैक्स लगाने के बाद आज यानी गुरुवार को सिगरेट शेयरों में भारी गिरावट आई है। इस टैक्स लगने के बाद से धूम्रपान करने वालों के लिए सिगरेट महंगी हो गई है। सिगरेट बनाने वाली प्रमुख कंपनी आईटीसी के शेयर में 10 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। जिसकी वजह से कंपनी की वैल्यूएशन को 50 हजार रुपए से अधिक का नुकसान हो गया है। वहीं दूसरी ओर देश में मार्लबोरो की डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयर में 15 फीसदी से अधिक की गिरावट आ गई है। सरकार के नए टैक्स नियमों से आईटीसी और गॉडफ्रे फिलिप्स जैसे तंबाकू शेयरों में भारी गिरावट आई है, वहीं रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी इरेडा के शानदार आंकड़ों ने निवेशकों को खुश कर दिया है।

सिगरेट की लंबाई के आधार पर शुल्क तय

वित्त मंत्रालय ने 1 फरवरी से सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक पर 2,050 से 8,500 रुपए तक का उत्पाद शुल्क लगाने का फैसला लिया है। यह कदम सिगरेट के लिए स्थायी उत्पाद शुल्क प्रणाली की वापसी का प्रतीक है, जो पिछले कुछ वर्षों से लागू अस्थायी शुल्क का स्थान लेगी. आदेश में कहा गया है कि यह नया टैक्स मौजूदा 40 फीसदी जीएसटी से अलग होगा।

1 फरवरी से महंगे हो जाएंगे तंबाकू उत्पाद

सरकार ने इन करों के लागू होने की तारीख 1 फरवरी तय कर दी। वर्तमान में लागू जीएसटी कंपनजेशन सेस (GST Compensation Cess), जो अलग-अलग दरों पर लगाया जाता है, 1 फरवरी से समाप्त हो जाएगा।

गौरतलब है कि सिगरेट पर प्रस्तावित उत्पाद शुल्क 1,000 सिगरेट की मात्रा पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक निर्धारित किया गया है, जो सिगरेट की लंबाई और फिल्टर प्रकार पर निर्भर करेगा। 65 एमएम तक की सिगरेट न्यूनतम स्लैब में आएंगी। जबकि 75 एमएम से ऊपर की सिगरेट पर सबसे अधिक कर लगेगा।

65 एमएम तक की सिगरेट पर नहीं होगी कोई शुल्क वृद्धि

नए स्ट्रक्चर के तहत 65 एमएम तक की सिगरेट पर या तो टैक्स में कमी होगी या कोई वृद्धि नहीं होगी। लेकिन 75 एमएम और उससे ऊपर की सिगरेट पर 48 से 50 प्रतिशत तक टैक्स बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि 75 से 85 एमएम श्रेणी की सिगरेट की कुल लागत में लगभग 22 से 28 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।

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