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50 रुपए में करती थी मजदूरी, घरवालों ने किया करियर का विरोध, राखी सावंत बनना नहीं है आसान!

Anjali Tyagi
7 April 2026 3:30 PM IST
50 रुपए में करती थी मजदूरी, घरवालों ने किया करियर का विरोध, राखी सावंत बनना नहीं है आसान!
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मुंबई। राखी सावंत आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। राखी का बचपन बेहद गरीबी और कड़े संघर्षों में बीता, जो आज के बच्चों और युवाओं के लिए कड़ी मेहनत की एक बड़ी मिसाल है। राखी ने खुद बताया था कि उन्होंने लगभग 10 साल की उम्र में अनिल अंबानी और टीना अंबानी की शादी में खाना परोसने (वेट्रेस) का काम किया था, जिसके लिए उन्हें हर दिन के सिर्फ 50 रुपये मिलते थे।


एक समय ऐसा भी था जब उनके पास खाने के लिए पैसे नहीं थे और उन्हें जिंदा रहने के लिए कचरे के डिब्बे से बचा हुआ खाना ढूंढकर खाना पड़ा। उनकी माँ अस्पताल में कचरा साफ़ करने और 'आया' का काम करती थीं।


राखी एक रूढ़िवादी परिवार से थीं जहां लड़कियों को नाचने-गाने की आज़ादी नहीं थी। जब उन्होंने डांडिया इवेंट में हिस्सा लेने की कोशिश की, तो सजा के तौर पर उनकी माँ ने उनके बाल काट दिए थे और उन्हें काफी मार भी खानी पड़ी थी।


तमाम अभावों और परिवार के विरोध के बावजूद, राखी ने हार नहीं मानी और फिल्म 'अग्निचक्र' (1997) से बॉलीवुड में कदम रखा। 'मोहब्बत है मिर्ची' और 'परदेसिया' जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।


राखी सावंत की यह कहानी सिखाती है कि इंसान अपनी मेहनत और मज़बूत इरादों के दम पर शून्य से शिखर तक पहुंच सकता है।

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