Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

क्या सच में महिलाओं को नहीं करनी चाहिए हनुमान जी की पूजा, जानें इस तर्क का वास्तविक सच

Anjali Tyagi
31 March 2026 8:00 PM IST
क्या सच में महिलाओं को नहीं करनी चाहिए हनुमान जी की पूजा, जानें इस तर्क का वास्तविक सच
x

नई दिल्ली। हमने अक्सर लोगों के यह कहते सुना है कि महिलाओं को हनुमानजी को ना तो छुना चाहिए और ना ही पूजा करनी चाहिए। हालांकि कभी सोचा ही नहीं कि इस तर्क में कितनी सच्चाई है। बता दें कि यह पूरी तरह से एक भ्रांति है। वास्तव में, महिलाएं हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और उनके किसी भी स्वरूप की आराधना पूरी श्रद्धा के साथ कर सकती हैं। शास्त्रों में महिलाओं के लिए हनुमान जी की भक्ति पर कोई रोक नहीं है।

हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं और वे हर महिला में अपनी माता (अंजनी) के दर्शन करते हैं। इसलिए, महिलाओं की पूजा में बस उनके ब्रह्मचर्य की मर्यादा का सम्मान करने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

महिलाएं क्या कर सकती हैं?

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड: महिलाएं निसंकोच होकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण (कुछ मतों में निषेध है पर सामान्यतः मान्य है) और सुंदरकांड का पाठ कर सकती हैं।

भोग और दीप: आप उन्हें फल, फूल और नैवेद्य अर्पित कर सकती हैं और उनके सामने दीपक जला सकती हैं।

व्रत: महिलाएं मंगलवार और शनिवार का व्रत रख सकती हैं और अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना कर सकती हैं।

मंदिर दर्शन: महिलाएं मंदिर जा सकती हैं और दूर से दर्शन कर हनुमान जी का आशीर्वाद ले सकती हैं।

महिलाओं के लिए निषेध नियम (क्या नहीं करना चाहिए?)

मूर्ति स्पर्श: हनुमान जी के ब्रह्मचर्य व्रत के सम्मान में महिलाओं को उनकी मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए और न ही उनके पैर छूने चाहिए।

सिंदूर और चोला: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाना या चोला चढ़ाना केवल पुरुषों के लिए उचित माना गया है। महिलाएं उन्हें लाल फूल अर्पित कर सकती हैं।

मासिक धर्म: शास्त्रानुसार मासिक धर्म के दौरान किसी भी देवी-देवता की पूजा की मनाही है, यही नियम हनुमान जी की पूजा पर भी लागू होता है। हालांकि, इस दौरान मानसिक जाप किया जा सकता है।

Next Story