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यूपीएससी में रैंक पाने को लेकर बांटी मिठाइयां, रोड शो भी निकला... लेकिन पलट गई कहानी, जानिए सच क्या है

Anjali Tyagi
12 March 2026 11:44 AM IST
यूपीएससी में रैंक पाने को लेकर बांटी मिठाइयां, रोड शो भी निकला... लेकिन पलट गई कहानी, जानिए सच क्या है
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तहसीलदार द्वारा डॉक्यूमेंट्स की जांच करने पर शिखा गौतम का दावा गलत निकला। जांच में पता चला कि वो UPSC की मुख्य परीक्षा ही पास नहीं कर पाई थीं।

लखनऊ। यूपीसी परीक्षा रिजल्ट के बाद एक अजीबो गरीब मामला सामनो आया है। दरअसल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली शिखा गौतम द्वारा यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 113वीं रैंक हासिल करने का दावा किया गया था, जिसेक बाद दिल्ली की रहने वाली शिखा ने भी यह दावा किया। जिसेक बाद इस पूरे मामले की सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद दिल्ली की उम्मीदवार ने UPSC को ईमेल भेजकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कराई। जिसके बाद परिणामों ने सभी को चौंका दिया।

दावे की क्या है सच्चाई

जानकारी के मुताबिक जांच में सामने आया कि 113वीं रैंक वास्तव में दिल्ली की रहने वाली शिखा (जो वर्तमान में हरियाणा के रोहतक में BDPO पद पर कार्यरत हैं) की है। बुलंदशहर की शिखा गौतम मुख्य परीक्षा भी पास नहीं कर पाई थीं।

परिवार ने मांगी माफी

शिखा के परिजनों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने केवल मेरिट लिस्ट में 'शिखा' नाम देखकर ही यह दावा किया था और रोल नंबर का मिलान नहीं किया था। विवाद बढ़ने के बाद परिवार ने अपनी गलती मान ली है और प्रशासन से माफी मांगी है। दावा सामने आने के बाद बुलंदशहर में शिखा का जोरदार स्वागत हुआ था, मिठाइयां बांटी गई थीं और रोड शो भी निकाला गया था। उनके दादा और पिता (जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं) के भावुक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।

प्रशासन ने कराई जांच

मामले को गंभीरता से लेते हुए UPSC ने बुलंदशहर की जिलाधिकारी श्रुति को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने अतिरिक्त जिलाधिकारी (प्रशासन) के माध्यम से सदर एसडीएम दिनेश चंद्र से जांच रिपोर्ट मांगी। एसडीएम ने सदर तहसीलदार मनोज रावत को शिखा गौतम के घर भेजकर दस्तावेजों की जांच कराई।

जांच में खुल गई सच्चाई

तहसीलदार द्वारा डॉक्यूमेंट्स की जांच करने पर शिखा गौतम का दावा गलत निकला। जांच में पता चला कि वो UPSC की मुख्य परीक्षा ही पास नहीं कर पाई थीं। इस कारण उनका इंटरव्यू के लिए चयन भी नहीं हुआ था। इसके अलावा उनके डॉक्यूमेंट्स में नाम शिखा गौतम नहीं बल्कि शिखा रानी पाया गया।

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