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तेजस्वी यादव की सुरक्षा का दायरा घटा!नितिन नबीन सहित इन दिग्गज का घेरा बढ़ा, जानें क्यों लिया यह फैसला

Shilpi Narayan
22 Jan 2026 9:43 PM IST
तेजस्वी यादव की सुरक्षा का दायरा घटा!नितिन नबीन सहित इन दिग्गज का घेरा बढ़ा, जानें क्यों लिया यह फैसला
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पटना। बिहार राज्य स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति की ताजा रिपोर्ट और खुफिया इनपुट्स के आधार पर लिए गए फैसले में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को बड़ा झटका लगा है। हालांकि ऐसा लगता है कि इससे बिहार के सियासी गलियारों में नई भूचाल आ सकती है। दरअसल, बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के कई दिग्गज विधायकों की सुरक्षा श्रेणी में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने तेजस्वी की सुरक्षा घटा दी है जबकि बीजेपी और केंद्र सरकार के कई मंत्रियों का सुरक्षा घेरा पहले से अधिक बढ़ा दिया गया है।

क्यों लिया गया फैसला?

इस मामले में गृह विभाग का कहना है कि यह बदलाव किसी राजनीतिक द्वेष के कारण नहीं बल्कि खतरे के आकलन के आधार पर किया गया है। समिति हर कुछ महीनों में विधायकों और मंत्रियों को मिलने वाली सुरक्षा की समीक्षा करती है और इसी आधार पर सुरक्षा बढ़ाने या घटाने का निर्णय लिया जाता है।

तेजस्वी से छिनी Z श्रेणी की सुरक्षा

बता दें कि सुरक्षा समिति की सिफारिश के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा कम कर दी गई है। अब तक उन्हें 'Z' श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही थी, जिसे घटाकर अब 'Y+' कर दिया गया है। इसके साथ ही तीन अन्य वरिष्ठ नेताओं मदन मोहन झा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और राजेश राम की सुरक्षा पूरी तरह से वापस ले ली गई है।

कई दिग्गजों का बढ़ा कद

एक ओर जहां विपक्ष की सुरक्षा में कटौती हुई है, वहीं सत्ता पक्ष के कई रसूखदार चेहरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं और बिहार सरकार के मंत्रियों को अब और भी कड़े सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को अब जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इन्हें वाई से बढ़ाकर वाई प्लस और फिर सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया गया है।

क्या होता है Z श्रेणी की सुरक्षा

जेड श्रेणी के तहत 22 सुरक्षाकर्मी दिए जाते हैं। इसमें 4 से 5 एनएसजी कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के जवान और स्थानीय पुलिस शामिल होती है। वहीं वाई प्लस श्रेणी के तहत 11 सुरक्षाकर्मी दिए जाते हैं। इसमें 1 या 2 कमांडो के साथ 2 निजी सुरक्षा अधिकारी और अन्य जवान तैनात होते हैं।

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