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जनगणना 2026 की बड़ी बात: Live-in Relationship में रहने वाले जोड़ों को भी माना जा सकता है शादीशुदा, लेकिन... पूछे जाएंगे 33 सवाल

Anjali Tyagi
30 March 2026 12:36 PM IST
जनगणना 2026 की बड़ी बात: Live-in Relationship में रहने वाले जोड़ों को भी  माना जा सकता है शादीशुदा, लेकिन... पूछे जाएंगे 33 सवाल
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नई दिल्ली। देश में बहुत जल्द अगली जनगणना होने वाली है। जिसको लेकर तैयारी जोरों से चल रही है। ऐसे में आगामी जनगणना 2027 के लिए सरकार ने यह साफ किया है कि लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) में रहने वाले जोड़ों को भी शादीशुदा माना जा सकता है। हालांकि एक इसके लिए मुख्य शर्त यह है कि कपल अपने रिश्ते को एक 'स्थिर संबंध' मानता हो। अधिकारियों को वही जानकारी दर्ज करनी होती है जो घर के सदस्य उन्हें बताते हैं।

33 सवालों में एक सवाल यह भी शामिल

जनगणना के ‘हाउसलिस्टिंग’ वाले चरण में पूछे जाने वाले 33 सवालों में से एक सवाल यह भी है कि एक घर में कितने शादीशुदा जोड़े रहते हैं। यह चरण 45 दिनों तक चलेगा। जनगणना का हाउसलिस्टिंग फेस 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच चलेगा, जिसकी तारीखें हर राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा अलग से अधिसूचित की जाएंगी। 45 दिन की इस अवधि के शुरुआती 15 दिन सेल्फ-एन्यूमरेशन यानी खुद जानकारी भरने के लिए होंगे, जिसके बाद अगले 30 दिनों तक जनगणना अधिकारियों द्वारा जानकारी जुटाने का काम चलेगा।

वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भरने की सुविधा

जानकारी के मुताबिक सेल्फ-एन्यूमरेशन (SE) की प्रक्रिया, राजधानी दिल्ली के NDMC इलाके में 1 अप्रैल से शुरू हो रही है, लोगों को एक खास वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भरने की सुविधा देती है। सेल्फ-एन्यूमरेशन की यह सुविधा अंग्रेजी और 15 अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। सेल्फ-एन्यूमरेशन का काम घर का मुखिया जो घर-गृहस्थी के मामले संभालता है और जरूरी फैसले लेता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि वह घर का सबसे बुजुर्ग पुरुष सदस्य ही हो या घर का कोई भी अन्य जिम्मेदार वयस्क सदस्य, OTP-आधारित मोबाइल वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद कर सकता है।

घर में आम तौर पर रहने वाले सभी सदस्यों की जानकारी, घर के लिए मिली एक ही पहुंच का इस्तेमाल करके दी जा सकती है। सेल्फ-एन्यूमरेशन की एक अहम शर्त यह है कि व्यक्ति अपने घर या निवास की जगह को सही-सही चिह्नित करे. इसके लिए, जवाब देने वालों को ड्रॉपडाउन मेनू से जिले का नाम चुनना होगा और PIN CODE डालना होगा, इसके बाद ही वे अपने गांव, मोहल्ले, गली या आस-पास के किसी जाने-पहचाने लैंडमार्क के बारे में जानकारी डाल पाएंगे।

नए नियम का विवरण

जनगणना 2027 के लिए बनाए गए सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर यह स्पष्ट किया गया है कि जो कपल खुद को स्थिर संबंध में मानता है, उसे विवाहित के रूप में दर्ज किया जाएगा।

- इस प्रक्रिया के लिए किसी कानूनी दस्तावेज या प्रमाण की जरूरत नहीं होगी।

- जानकारी व्यक्ति के ज्ञान और विश्वास के आधार पर ही दर्ज की जाएगी।

- यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, और लोग घर बैठे अपने परिवार और खुद की जानकारी पोर्टल पर भर सकेंगे।

- नियम में 45 दिनों का हाउसलिस्टिंग फेज रखा गया है।

- पहले 15 दिन सेल्फ-एन्यूमरेशन के लिए होंगे।

- बाकी 30 दिन एन्यूमरेटर द्वारा जानकारी की जांच के लिए होंगे।

यह सुविधा 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी और इसमें घर की लोकेशन को जियो-टैग करना भी जरूरी है, जिससे डेटा सही और व्यवस्थित तरीके से एकत्र किया जा सके।

क्या लिव-इन कपल कानूनी रूप से अब विवाहित होंगे?

बता दें कि इस नियम का उद्देश्य केवल जनगणना के आंकड़ों में सही रूप से दर्ज करना है। इसका मतलब यह नहीं कि लिव-इन कपल को कानूनी तौर पर पति-पत्नी का दर्जा मिल जाएगा। यह कदम केवल सामाजिक संरचना को बेहतर ढंग से समझने के लिए लिया गया है।

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