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सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सामान्य प्रशासन) बिल पर आज होगी चर्चा! जानें क्या है बिल

Aryan
30 March 2026 10:31 AM IST
सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सामान्य प्रशासन) बिल पर आज होगी चर्चा! जानें क्या है बिल
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नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों की एक नई समीक्षा के बाद देश में नक्सली उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या आठ से घटकर सात हो गई है।

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सामान्य प्रशासन) बिल पर आज चर्चा करेंगे। इससे पहले 25 मार्च को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे राज्यसभा में पेश किया था। इस बिल के तहत CAPF में 50% पद इंस्पेक्टर जनरल रैंक में डिप्युटेशन से और कम से कम 67% पद एडिशनल डायरेक्टर जनरल रैंक में डिप्युटेशन से भरे जाएंगे। विपक्ष ने इस बिल पर आपत्ति जताई थी।

विपक्ष ने बिल पर आपत्ति जताई

विपक्ष ने बिल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के 2025 के निर्णय के खिलाफ है, जिसमें CAPF के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (SAG) तक डिप्युटेशन पदों को दो साल के भीतर घटाने का निर्देश था। विशेष निदेशक जनरल और डायरेक्टर जनरल रैंक के सभी पद केवल डिप्युटेशन के माध्यम से भरे जाएंगे। संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में इंसॉल्वेंसी और दिवालियापन कोड (संशोधन) बिल, 2025 पर चर्चा होने वाली है। यह बिल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया था और 27 मार्च को पहली बार चर्चा के लिए उठाया गया। लोकसभा सचिवालय ने देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर नियम 193 के तहत सोमवार को चर्चा सूचीबद्ध की है, जिसके अंतर्गत मतविभाजन नहीं होता है।

इस मुद्दे पर अहम चर्चा होगी

बिल को शुरू में सेलेक्ट कमेटी को भेजा गया था। इसका उद्देश्य कंपनियों और व्यक्तियों के दिवालियापन मामलों में देरी को कम करना और प्रक्रियागत सुधार लाना है। लोकसभा में आज देश को वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा होगी। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने 31 मार्च की समयसीमा तय की है। ये डेडलाइन समाप्त होने से एक दिन पहले लोकसभा में इस मुद्दे पर अहम चर्चा होगी। इस नियम के तहत अल्पकालिक चर्चा के लिए सरकार को जवाब देना आवश्यक है। आज चर्चा की शुरुआत तेदेपा सांसद बायरेड्डी शबरी और शिवसेना सदस्य श्रीकांत शिंदे करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि नक्सलवाद का खतरा 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा।

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