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केंद्र का मेगा प्लान, रेल से लेकर सड़क-सुरंग तक! नोएडा में 11.56 किलोमीटर लंबे मेट्रो विस्तार कॉरिडोर को भी स्वीकृति

Shilpi Narayan
14 Feb 2026 11:25 PM IST
केंद्र का मेगा प्लान, रेल से लेकर सड़क-सुरंग तक! नोएडा में 11.56 किलोमीटर लंबे मेट्रो विस्तार कॉरिडोर को भी स्वीकृति
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूती देने के लिए एक मेगा प्लान को मंजूरी दी है, जिसमें रेलवे और सड़क दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। 14 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

दिल्ली-अंबाला रेल खंड का विस्तार

सरकार ने व्यस्त दिल्ली-अंबाला रेल कॉरिडोर को अपग्रेड करने के लिए ₹5,983 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। इस 194 किलोमीटर लंबे खंड पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इसे अगले 4 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रमुख बुनियादी ढांचा

इसमें 1 महत्वपूर्ण पुल, 28 बड़े पुल, 178 छोटे पुल और 2 रोड ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण शामिल है।वंदे भारत और अन्य यात्री ट्रेनों की आवाजाही में सुधार होगा। माल ढुलाई क्षमता में 24.6 मिलियन टन की वृद्धि होगी। लॉजिस्टिक्स लागत में लगभग ₹952 करोड़ की बचत होगी। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। भारत की पहली 'अंडरवॉटर' रेल-सह-सड़क सुरंग कैबिनेट ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे गोपुर और नुमालीगढ़ के बीच एक ट्विन-ट्यूब सुरंग को भी मंजूरी दी है।

लागत और लंबाई

₹18,662 करोड़ की लागत से बनने वाली यह सुरंग 15.8 किलोमीटर लंबी होगी। यह भारत की पहली ऐसी सुरंग होगी जिसमें रेल और सड़क दोनों के लिए अलग-अलग ट्यूब होंगे। इससे यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगा।

अन्य महत्वपूर्ण रेल और सड़क परियोजनाएं

कैबिनेट ने कुल ₹18,509 करोड़ की लागत वाली तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें दिल्ली-अंबाला के अलावा कसारा-मनमाड (महाराष्ट्र) और बल्लारी-होसपेट (कर्नाटक) खंड शामिल हैं। नोएडा में 11.56 किलोमीटर लंबे मेट्रो विस्तार कॉरिडोर को भी स्वीकृति मिली है।

सड़क सुरंग (दिल्ली)

दिल्ली के महिपालपुर से वसंत कुंज तक 5 किमी लंबी सुरंग के निर्माण को भी एनएचएआई (NHAI) ने मंजूरी दी है, जिस पर ₹3,500 करोड़ खर्च होंगे। इन सभी परियोजनाओं को पीएम-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जा रहा है ताकि लॉजिस्टिक्स दक्षता और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को सुधारा जा सके।

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