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देश का सबसे स्वच्छ शहर जहरीले पानी की वजह से विवाद में घिरा, कटघरे में मोहन सरकार, हाई कोर्ट में हो रही सुनवाई,1400 से ज्यादा लोग प्रभावित

इंदौर। देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर इस समय विवाद में घिर गया है। जहां लगातार सात साल से इंदौर को सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल है तो वहीं आज इंदौर जहरीले पानी की वजह से चर्चा में आ गया है। वहीं इस मामले ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि इस मामले में आज सरकार के खिलाफ हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है। इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में सियासत भी शुरू हो गया है। वहीं दूषित पानी पीने की वजह से कई लोगों की जान लची गई है जबकि सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
1400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए
दरअसल इस शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया। जिसे पीने से अब तक इलाके में 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 1400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं अब इस मामले में एक ताजा लैब टेस्ट रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में बात की पुष्टि हो चुकी है कि भागीरथपुरा में मची तबाही का कारण गंदा पानी ही था। इतना ही नहीं इंदौर के कुछ इलाकों में भी यही जानलेवा पीने के पानी का सप्लाई सिस्टम है।
एक जगह पाइपलाइन में था लीकेज
बता दें कि रिपोर्ट के अनुसार एक जगह पाइपलाइन में लीकेज था जिससे पीने के पानी में गंदगी मिल गई। हालांकि उन्होंने टेस्ट रिपोर्ट के तकनीकी ब्योरे साझा नहीं किए। जांच में पता चला कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पानी की लाइन में उसी जगह रिसाव था जहां एक शौचालय बना हुआ है। इसी लीकेज के कारण नलों में सीधा गंदा पानी पहुंचता रहा और लोगों को पता ही नहीं चला कि वे रोज जहर पी रहे हैं।
भागीरथपुरा के 1714 घरों में किया सर्वे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भागीरथपुरा के 1714 घरों में सर्वे किया गया जिसमें 8571 लोगों की जांच हुई। इनमें 338 लोगों में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण मिले जिन्हें घर पर ही दवा दी गई। बीते आठ दिनों में 272 मरीज अस्पताल में भर्ती कराए गए जिनमें से 71 को छुट्टी मिल चुकी है। फिलहाल 201 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनमें से 32 की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया है। इंदौर की यह घटना सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि थोड़ी सी लापरवाही कैसे पूरे शहर को बीमार कर सकती है।
सीएम ने अफसरों को दिए निर्देश
इस दर्दनाक घटना से सबक लेते हुए राज्य सरकार अब पूरे मध्य प्रदेश के लिए पानी की सप्लाई को लेकर एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP तैयार करने जा रही है। ताकि फ्यूचर में कहीं भी ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए। सीएम मोहन यादव के निर्देश पर अफसरों ने खुद भागीरथपुरा पहुंचकर हालात का जायजा भी लिया।




