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कल लगेगा साल का पहला सूर्यग्रहण, जानें क्यों दिया गया रिंग ऑफ फायर नाम

Anjali Tyagi
16 Feb 2026 3:50 PM IST
कल लगेगा साल का पहला सूर्यग्रहण, जानें क्यों दिया गया रिंग ऑफ फायर नाम
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नई दिल्ली। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर लगता है। इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है, जिसे बोलचाल की भाषा में 'रिंग ऑफ फायर' का नाम दिया गया है। कल फाल्गुन माह की अमावस्या मनाई जाएगी।

क्या है 'रिंग ऑफ फायर'?

जब चंद्रमा पृथ्वी से काफी दूर होता है और सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तो वह सूर्य के केंद्र को तो ढक लेता है, लेकिन उसके किनारों को पूरी तरह नहीं छिपा पाता। इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य के ऊपर एक गहरे रंग की डिस्क जैसा दिखता है, जिसके चारों ओर सूर्य का बाहरी हिस्सा एक चमकती हुई अंगूठी या छल्ले की तरह दिखाई देता है। इसी अद्भुत नजारे को 'रिंग ऑफ फायर' कहते हैं।

साल का पहला सूर्य ग्रहण क्यों खास है?

यह साल 2026 की पहली बड़ी खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा सूर्य के लगभग 96% केंद्र को ढक लेगा। 'रिंग ऑफ फायर' का यह शानदार नजारा करीब 2 मिनट 20 सेकंड तक बना रहेगा। इस बार ग्रहण का मुख्य मार्ग मुख्य रूप से अंटार्कटिका के बेहद दुर्गम क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।

ग्रहण का समय और दृश्यता

बता दें कि इस ग्रहण की शुरुआत 17 फरवरी, दोपहर 3:26 बजे होगी। साथ ही इसकी समाप्ति शाम 7:57 बजे होगी। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसका मुख्य प्रभाव अंटार्कटिका में होगा, जबकि आंशिक रूप से यह दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। भारत में दृश्यमान न होने के कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।

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