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ओम बिरला को विपक्ष मर्यादा न सिखाए... अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार की तरफ से अमित शाह ने दिया जवाब

नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह कोई आम बात नहीं है। करीब 4 दशक बाद लोकसभा स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाया गया है। यह पार्लियामेंट्री पॉलिटिक्स और इस सदन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। अमित शाह ने कहा कि स्पीकर के नियुक्ति के वक्त सदन के दोनों नेता साथ मौजूद थे। सदन के दोनों नेताओं ने अध्यक्ष को कुर्सी पर बैठाने का काम किया था। सदन के नियमों पर बोलना पड़ता है।
हमने स्पीकर के पद की गरिमा का संरक्षण किया
इस दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष ने स्पीकर के पद पर सवाल उठाए, मैं कहना चाहता हूं कि सदन आपसी विश्वास के साथ चलता है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस दौरान कहा कि अध्यक्ष के निर्णय पर शंका नहीं कर सकते हैं। गृहमंत्री ने कहा कि जब आप अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल खड़े करते हो तो इससे ज्यादा निंदनीय कुछ नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमने स्पीकर के पद की गरिमा का संरक्षण किया है। वहीं उन्होंने कहा कि स्पीकर का कर्तव्य व्यवस्था और शिष्टाचार को बनाए रखना है। सदन आपसी विश्वास से चलता है। विपक्ष ने स्पीकर पर सवाल खड़े किए हैं।
सदन असंसदीय शब्दों से नहीं चलता है
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान ने स्पीकर को मीडिएटर की भूमिका दी है। आप मीडिएटर पर शक करते हैं। 75 सालों में दोनों सदनों ने हमारे लोकतंत्र की नींव को 'पाताल' से भी गहरा बना दिया है। विपक्ष ने उस गहरी नींव की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि नियम के हिसाब से ही चलना पड़ता है। स्पीकर सभी दलों के होते हैं। उन्होंने कहा कि नियम सब के लिए बराबर होता है। उन्होंने कहा कि पीएम की कुर्सी के पास जाना ठीक नहीं है। सदन असंसदीय शब्दों से नहीं चलता है। ओम बिरला को विपक्ष मर्यादा न सिखाए।




