Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

स्थाई कमीशन नहीं पाने वाली महिला अधिकारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला! जानें क्या

Shilpi Narayan
24 March 2026 1:04 PM IST
स्थाई कमीशन नहीं पाने वाली महिला अधिकारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला! जानें क्या
x

नई दिल्ली। भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सेवा देने वाली महिला अधिकारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सेना में महिलाओं के खिलाफ होने वाले प्रणालीगत भेदभाव को स्वीकार करते हुए अपनी विशेष संवैधानिक शक्तियों (अनुच्छेद 142) का इस्तेमाल किया। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन महिला अधिकारियों ने अपनी सेवामुक्ति को अदालत में चुनौती दी थी, उन्हें पेंशन के उद्देश्य से 20 साल की सेवा पूरी करने वाला माना जाएगा। कोर्ट ने उन महिलाओं के पक्ष में फैसला दिया जिन्हें स्थायी कमीशन से वंचित रखा गया था।

केवल पुरुषों का एकाधिकार नहीं हो सकता

इसका मतलब यह है कि वे अब पेंशन की हकदार होंगी। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि उन्हें पिछले समय का बकाया वेतन नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सेना में केवल पुरुषों का एकाधिकार नहीं हो सकता। जस्टिस ने साफ किया कि पुरुष अधिकारी यह उम्मीद नहीं कर सकते कि भविष्य के सभी खाली पद केवल उनके लिए ही होंगे। कोर्ट के अनुसार, अवसरों की कमी और गलत तरीके से 'अनफिट' ठहराए जाने के कारण महिला अधिकारियों की योग्यता और उनके करियर की प्रगति पर बुरा असर पड़ा है।

कैडर की महिला अधिकारियों पर लागू नहीं होगा

यह फैसला उन महिला अधिकारियों के लिए एक बार का उपाय के रूप में आया है जो कानूनी लड़ाई के दौरान सेवा से मुक्त हो गई थीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह आदेश जेएजी (जज एडवोकेट जनरल) और एईसी (आर्मी एजुकेशन कोर) कैडर की महिला अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। साथ ही, कोर्ट ने भविष्य में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चयन के तरीकों और कट-ऑफ नियमों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है।

स्थायी कमीशन देने में पुरुषों के मुकाबले भेदभाव

बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब कई महिला अधिकारी जिनमें 'ऑपरेशन सिंदूर' का हिस्सा रहीं जांबाज अधिकारी भी शामिल थीं, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले स्पष्ट आदेशों के बावजूद केंद्र सरकार और सेना स्थायी कमीशन देने में पुरुषों के मुकाबले उनके साथ भेदभाव कर रही है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए आज कोर्ट ने अब यह महत्वपूर्ण फैसला दिया है।

Next Story