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बाप-बेटे के रिश्ते में थी दरार! पिता का अन्य महिला से था अवैध संबध, जांच में कई अहम खुलासे

Aryan
25 Feb 2026 12:43 PM IST
बाप-बेटे के रिश्ते में थी दरार! पिता का अन्य महिला से था अवैध संबध, जांच में कई अहम खुलासे
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अक्षत पिता के कहने पर नीट की कोचिंग तो करता था, लेकिन वह डॉक्टर नहीं बनना चाहता था।

लखनऊ। लखनऊ में शराब कारोबारी मानवेंद्र हत्याकांड में कई नए खुलासे हुए है। जानकारी के मुताबिक, नौ साल पहले ही बाप-बेटे के रिश्तों में दरार पड़ गई थी। इसके पीछे कई वजह बताई जाती हैं। दरअसल अक्षत की मां ने वर्ष 2017 में आत्महत्या कर लिया था। दूसरी ओर मानवेंद्र की दूसरी महिला से नजदीकियों की बात सामने आई है। मानवेंद्र के बहनोई ने इस बात की जानकारी पुलिस को दी। इस मामले में पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पिता के प्रति थी नफरत

मां की मौत के बाद अक्षत के मन में पिता के प्रति नफरत भर गई थी। मानवेंद्र की एक महिला से नजदीकियां थीं। मानवेंद्र अक्सर पार्टी कर देर रात घर लौटते थे। इसको लेकर भी पिता-पुत्र के बीच तनाव चल रहा था। यही वजह है कि पिता-पुत्रों में धीरे-धीरे दूरी बढ़ती चली गई।

डॉक्टर नहीं बनना चाहता था अक्षत

अक्षत पिता के कहने पर नीट की कोचिंग तो करता था, लेकिन वह डॉक्टर नहीं बनना चाहता था। उसने पिता की हर बात के विपरीत जाकर काम किया। रिश्तों में आई दरार की भनक परिवार के लोगों को थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।

तीन साल पहले अक्षत ने छोड़ा था घर

पूछताछ के दौरान अक्षत ने पुलिस को बताया कि पिता नीट पास करने का दबाव बनाते थे। तीन साल पहले इसी दबाव में वह घर छोड़कर चला गया था। आरोपी ने तब छह पन्ने का नोट छोड़ा था।

एक महिला मित्र से फोन पर हुआ था झगड़ा

मानवेंद्र के बहनोई एसएस भदौरिया ने कहा कि हत्या की वजह कुछ और है। हत्या से दो दिन पहले वह मानवेंद्र के साथ कार से लौट रहे थे। इस दौरान एक महिला का फोन मानवेंद्र के पास आया था। महिला के बारे में अक्षत और उसके परिजनों को भी पता है। इसे लेकर कई बार अक्षत से पिता का झगड़ा भी हुआ था।

पिता ने रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट के व्यापार के लिए नहीं दिए पैसे

जानकारी के मुताबिक, तीन साल पहले मानवेंद्र ने बेटे और बेटी के खाते में पांच-पांच लाख रुपये जमा किए थे। खाते में पैसे आने के बाद अक्षत के खर्च बढ़ गए थे। आदत में सुधार नहीं होने पर ही पिता मानवेंद्र ने अक्षत को नौकरी कर कमाने की बात कही थी। लेकिन अक्षत रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट का व्यापार करना चाहता था, लेकिन मानवेंद्र ने उसे पैसे देने से मना कर दिया था।

गौरतलब है कि लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है।

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