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भारत में नहीं होगी LPG की किल्लत! 93 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे दो टैंकर, जानें कब पहुंचेंगे

नई दिल्ली। खाड़ी देशों में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय एलपीजी से लदे जहाज सुरक्षित निकलकर भारत पहुंच रहे हैं। इनमें कुल 93 हजार टन एलपीजी है, जो 27 मार्च तक देश के बंदरगाहों पर पहुंच जाएगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि इससे एलपीजी की आपूर्ति को सुचारू बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
घरेलू उत्पादन में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी
मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम एशिया विवाद शुरू होने के बाद हाल ही में भारत ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से खरीदे गए एलपीजी जहाज भी सात से दस दिनों के अंदर भारतीय तटों पर पहुंचेंगे। घरेलू उत्पादन में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ इन जहाजों का आगमन मिलकर देश की रोजाना जरूरत को काफी हद तक पूरा करेगा।
भारतीय नौसेना की निगरानी में सुरक्षित निकले
वहीं मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 47,600 मैट्रिक टन एलपीजी से लदा जहाज जग वसंत 26 मार्च की शाम तक कांडला बंदरगाह पहुंच जाएगा, जबकि 45,000 मैट्रिक टन से लदा पाइन गैस जहाज 27 मार्च सुबह मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा। इन दोनों जहाजों ने होर्मुज से निकलते समय ईरानी तट के करीब से नया रूट अपनाया था और भारतीय नौसेना की निगरानी में सुरक्षित निकले।
एलपीजी की स्थिति चिंताजनक जरूर
शर्मा ने कहा कि एलपीजी की स्थिति चिंताजनक जरूर है, लेकिन घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया गया है। पेट्रोकेमिकल्स और दूसरे उत्पादों का उत्पादन रोककर रिफाइनरियों को एलपीजी पर फोकस करने के आदेश दिए गए थे। भारत में औसतन रोजाना 80 हजार से 90 हजार टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से सामान्य तौर पर 55-60 प्रतिशत (करीब 55 हजार टन) आयात से आता है।
होर्मुज में पांच और एलपीजी जहाज हैं
जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 20 भारतीय जहाज फंसे हैं, जिनमें 540 नाविक हैं। ये सभी सुरक्षित हैं और दूतावास उनके संपर्क में है। होर्मुज में पांच और एलपीजी जहाज हैं, जिनमें से एक के जल्द निकलने की संभावना है।




