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ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ वॉरशिप तैनात करने की मांग को इन देशों ने ठुकराया...

Aryan
17 March 2026 11:41 AM IST
ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ वॉरशिप तैनात करने की मांग को इन देशों ने ठुकराया...
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कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन होर्मुज को फिर से खोलने के लिए सहयोगियों के साथ योजनानुसार काम कर रहा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह नाटो मिशन नहीं होगा।

नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का 18वां दिन है। युद्ध का असर इन देशों के साथ ही दुनिया के अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। होर्मुज ऑफ स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हो गई है। दरअसल इसे सुरक्षित करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पेन सहयोगी देशों से वहां के लिए वॉरशिप भेजने का अनुरोध किया था। लेकिन ट्रंप की उम्मीदों को निराशा हाथ लग गई। जानकारी के मुताबिक, कई देशों ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है। वहीं, इस कड़ी में कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन होर्मुज को फिर से खोलने के लिए सहयोगियों के साथ योजनानुसार काम कर रहा है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह नाटो मिशन नहीं होगा।

जर्मनी ने मांग को ठुकराया

जर्मनी ने भी वॉरशिप भेजने से इनकार कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने ट्रंप की मांगों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह हमारा युद्ध नहीं है, हमने इसे शुरू नहीं किया है।

दक्षिण कोरिया का निर्णय स्पष्ट नहीं

दक्षिण कोरिया ने भी ट्रंप के अनुरोध पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। इस मामले में दक्षिण कोरिया ने कहा कि देश अमेरिका के साथ गहनता से संवाद करेगा और समीक्षा के बाद ही निर्णय लेगा।

जापान भी नहीं तैयार

जापान भी मौजूदा हालात में किसी भी तरह का कोई सुरक्षा अभियान शुरू करता नहीं नजर आ रहा है। रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजमी ने संसद में स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान की वर्तमान स्थिति में हम फिलहाल समुद्री सुरक्षा अभियान शुरू करने पर विचार नहीं कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने भी किया साफ मना

ऑस्ट्रेलिया ने भी होर्मुज ऑफ स्ट्रेट में वॉरशिप भेजने से साफ मना कर दिया है। कैबिनेट सदस्य कैथरीन किंग ने भी एक इंटरव्यू में कहा कि होर्मुज ऑफ स्ट्रेट में नौसैनिक जहाज भेजने से इनकार कर दिया है।

चीन का दिशा स्पष्ट नहीं

वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने साफ नहीं बताया कि बीजिंग ट्रंप के अनुरोध को स्वीकार करेगा अथवा नहीं।

अमेरिका से नहीं हुई चर्चा

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया कि भारत इस मामले पर कई देशों के बीच हो रही चर्चाओं से अवगत है, लेकिन द्विपक्षीय स्तर पर अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है।


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