Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

पूरे साल में सिर्फ एक बार खुलता है 800 साल पुराना मंदिर! कभी नहीं बुझता है दीया, जानें इस अद्भुत मंदिर की कहानी

Anjali Tyagi
31 Jan 2026 8:00 AM IST
पूरे साल में सिर्फ एक बार खुलता है 800 साल पुराना मंदिर! कभी नहीं बुझता है दीया, जानें इस अद्भुत मंदिर की कहानी
x

नई दिल्ली। कर्नाटक के हसन में स्थित 800 साल पुराना हसनंबा मंदिर अपनी रहस्यमयी परंपराओं और चमत्कारों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके द्वार साल भर में केवल एक बार दीपावली के अवसर पर लगभग 10 से 12 दिनों के लिए खुलते हैं।

मंदिर के प्रमुख रहस्य और चमत्कार

श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन के अनुसार, यहां हर साल तीन प्रमुख चमत्कार देखने को मिलते हैं।

अखंड दीपक

मंदिर बंद करते समय पुजारी एक घी का दीपक जलाते हैं। आश्चर्यजनक रूप से, एक साल बाद जब मंदिर दोबारा खुलता है, तो वह दीपक बिना किसी तेल या ऑक्सीजन की अतिरिक्त आपूर्ति के जलता हुआ मिलता है।

ताजे फूल

देवी को चढ़ाए गए फूल एक साल बाद भी वैसे ही ताजे और सुगंधित रहते हैं जैसे उन्हें अभी चढ़ाया गया हो।

गर्म प्रसाद

मंदिर बंद करते समय चढ़ाया गया चावल का नैवेद्य (प्रसाद) एक साल बाद भी खराब नहीं होता और गर्म रहता है।

मंदिर का इतिहास और वास्तुकला

यह मंदिर 12वीं शताब्दी में होयसल राजवंश के राजाओं द्वारा बनाया गया था। मंदिर के गर्भगृह में कोई पारंपरिक मूर्ति नहीं है, बल्कि देवी की पूजा एक बांबी (Anthill) के रूप में की जाती है। यहां रावण की एक दुर्लभ प्रतिमा है जिसमें वह 9 सिरों के साथ वीणा बजाते हुए दिखाया गया है।

पौराणिक कथा

कथाओं के अनुसार, 'सप्त मातृकाएं' (सात माताएं) वाराणसी से यहाँ आई थीं और इस स्थान की सुंदरता से मंत्रमुग्ध होकर यहीं बस गईं। तीन माताएं मंदिर के अंदर बांबी के रूप में विराजमान हैं, जबकि अन्य पास के तालाब और अन्य स्थानों पर स्थित हैं।

Next Story