Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

अमेरिका से ये डील नहीं, ढील हुई है...बजट पर चर्चा के दौरान बोले अखिलेश, दवा से लेकर सोने तक के दाम पर उठाए सवाल

Shilpi Narayan
10 Feb 2026 3:22 PM IST
अमेरिका से ये डील नहीं, ढील हुई है...बजट पर चर्चा के दौरान बोले अखिलेश, दवा से लेकर सोने तक के दाम पर उठाए सवाल
x

नई दिल्ली। लोकसभा में अखिलेश यादव ने बजट पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि बजट आने से पहले और बजट आने के बाद पूरे देश में अमेरिका से डील को लेकर बात चल रही थी। बीजेपी ने दावे किए कि हमने दुनिया में कई देशों से फ्री ट्रेड डील कर ली है। उनसे जानना चाहूंगा कि कितने देश बचे हैं, जिनसे फ्री ट्रेड डील नहीं कर पाए हैं। कुछ लोग रुपये को लेकर उम्र पर सवाल उठाते थे, इस डील के बाद रुपया कहां जाएगा।

भाजपाई किसान को लाभ नहीं पहुंचाना चाहते हैं

अखिलेश ने आगे कहा कि यही डील करनी थी, तो पहले ही क्यों नहीं कर ली गई। ये डील नहीं, ढील हुई है। देश जानना चाहता है कि 18 बड़ा है या जीरो। बजट पहले बना या पहले डील हुई। उन्होंने कहा कि यह बजट दिशा हीन है। भाजपाई किसान को लाभ नहीं पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज सोने के दाम कहां पहुंच गए हैं। किसान के आगे आज बड़ा संकट है। किसानों को MSP की गारंटी नहीं है। अखिलेश ने कहा कि सरकार ने PDA का सोचना छोड़ दिया है।

हमारी पर कैपिटा इनकम नहीं बढ पा रही

अखिलेश यादव ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें गरीब, पिछड़े, दलित के लिए कुछ नहीं है। हम इतने बजट ला रहे हैं, हमारी पर कैपिटा इनकम नहीं बढ पा रही। सरकार को कम से कम फ्री राशन पाने वालों की पर कैपिटा इनकम तो बताना ही चाहिए। यूपी जैसे प्रदेश की डबल इंजन की सरकार को बहुत कुछ कहा जाता है। यूपी के लिए कोई खास योजना ऐसी नहीं आई है, जिससे यूपी के 25 करोड़ लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा जाए।

बजट से कोई भी एक्सप्रेसवे नहीं बना

उन्होंने कहा कि यूपी से प्रधानमंत्री आते हैं, भारत सरकार के बजट से कोई भी एक्सप्रेसवे नहीं बना है। जो बने भी हैं, उस क्वालिटी के नहीं हैं, जैसे विकसित भारत की क्वालिटी होनी चाहिए। भ्रष्टाचार पर सवाल उठाने वालों को देखना चाहिए। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से कोई एक्सप्रेसवे बन रहा था। बनने के साथ-साथ उसका नाम भी बदल दिया। पहले चंबल फिर अटल जी के नाम पर... लग रहा वह बस कागजों पर बन रहा था। किसानों की आय दोगुनी करने की बात थी। इस डील के बाद हमारे किसानों का हाल क्या होगा। जब सब कुछ विदेश से ही आएगा, किसान क्या उगाएगा और क्या बेच पाएगा। सरकार ने एग्री इंफ्रा, मंडिया तैयार करने की बात कही थी। किसानों को आज भी एमएसपी की कानूनी गारंटी सरकार नहीं दे पाई।

आज सोने के भाव कहां पहुंच गए

अखिलेश ने आगे कहा कि सरकार हर्टिकल्चर क्रॉप्स और दुग्ध उत्पादन के आंकड़े गिनाती है। एमएसपी की गारंटी कब देंगे। अगर किसान को लाभ नहीं मिलेगा, अपवना घर कैसे चलाएगा, बच्चों को कैसे पढ़ाएगा, बेटियों को विदा कैसे करेगा। आज सोने के भाव कहां पहुंच गए। पहले गरीब सोचता था कि बिटिया की विदाई में सोने का कुछ दे देंगे। यही सरकार चलती रही तो चांदी दूर, लोहे पर पीतल का पानी चढ़ाकर भी वह बेटी की विदाई नहीं कर पाएगा।

Next Story