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रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आज! मंदिर भी बना, विकास भी हुआ... दो सालों में कितनी बदली रामनगरी की तस्वीर?

Anjali Tyagi
22 Jan 2026 10:19 AM IST
रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आज! मंदिर भी बना, विकास भी हुआ... दो सालों में कितनी बदली रामनगरी की तस्वीर?
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अयोध्या। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ आज है। बता दें कि पिछले दो वर्षों में इस धार्मिक नगरी का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। 22 जनवरी 2024 को ‘जय श्रीराम' के उद्घोष के साथ जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, तब ऐसा लगा था कि एक इतिहास पूरा हो गया हो। हालांकि कई विवादों के बाद आज अयोध्या की छवि पूरी तरह बहल चुकी है।

1. मंदिर निर्माण और परिसर का विस्तार

मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरणों में है। गर्भगृह के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण स्तंभों और नक्काशीदार दीवारों का काम पूरा हो चुका है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुसार, मंदिर परिसर अब भक्तों के लिए और अधिक सुव्यवस्थित है। मंदिर के चारों ओर सुरक्षा दीवार (परकोटा) और सात अलग-अलग ऋषियों को समर्पित मंदिरों का निर्माण कार्य काफी आगे बढ़ चुका है।

2. बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी

दो साल पहले शुरू हुआ यह हवाई अड्डा अब दुनिया के प्रमुख शहरों से जुड़ा है, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आया है। रेलवे स्टेशन का विस्तार किया गया है, जहाँ से अब कई 'वंदे भारत' और 'अमृत भारत' ट्रेनें सीधे अयोध्या को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ती हैं। भारतीय रेलवे के माध्यम से अब यहाँ पहुंचना बेहद सुगम है।

3. शहर का कायाकल्प (स्मार्ट सिटी)

शहर की मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण कर उन्हें भव्य सजावटी लाइटों और भित्ति चित्रों (Murals) से सजाया गया है। सरयू नदी में 'जटायु' और अन्य क्रूज सेवाओं के संचालन से पर्यटन को नया आयाम मिला है।

4. आर्थिक और पर्यटन विकास

पिछले दो वर्षों में प्रतिदिन औसतन 1.5 लाख से 2 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। त्योहारों पर यह संख्या 5 लाख के पार चली जाती है। अयोध्या अब 'टेंट सिटी' और लक्जरी होटलों का केंद्र बन गई है। स्थानीय लोगों ने बड़े पैमाने पर होमस्टे पंजीकरण कराए हैं, जिससे रोजगार बढ़ा है।

5. डिजिटल और आधुनिक सुविधाएं

श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या नगर निगम द्वारा डिजिटल गाइड, क्यूआर कोड आधारित सूचना केंद्र और स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था की गई है। आज अयोध्या न केवल एक धार्मिक केंद्र है, बल्कि वह आधुनिक बुनियादी ढांचे और प्राचीन संस्कृति के संगम के रूप में 'विश्व स्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र' बन चुकी है।

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