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Trump Tariff War: ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप बौखलाए! इन 8 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ, नाटो के बीच दरार पड़ने की आशंका...

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से चौंकाने वाला बयान दिया है। दरअसल ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कर इस मुद्दे को ट्रेड वॉर में तब्दील कर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण का विरोध कर रहे 8 यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। बता दें कि ट्रंप की इस धमकी से नाटो सहयोगियों के बीच दशकों पुराने संबंधों में पैदा हुए अविश्वास में वृद्धि हो सकती है। वहीं, इस मुद्दे पर EU के 27 देशों के राजदूत इमरजेंसी मीटिंग में आज यानी रविवार को इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
इन देशों को टैरिफ बढ़ाने की दी धमकी
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के द्वारा कहा कि डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 पर्सेंट इंपोर्ट टैक्स लागू होगा। इसके अलावा उन्होंने अल्टीमेटम दे दिया है कि यदि 1 जून तक ग्रीनलैंड की पूर्ण और संपूर्ण खरीद पर कोई समझौता नहीं हुआ तो इस टैरिफ को बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, इन देशों ने ग्रीनलैंड के मामले में दखल देकर अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचाया है।
EU ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर लगाया रोका
ट्रंप की इस धमकी की वह से यूरोपीय संसद के सबसे बड़े ग्रुप यूरोपियन पीपुल्स पार्टी (EPP) के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि EPP EU-US ट्रेड डील का समर्थन करता है, लेकिन ग्रीनलैंड पर ट्रंप की धमकियों के कारण फिलहाल इसकी मंजूरी संभव नहीं है। अमेरिकी उत्पादों पर EU के टैरिफ कम करने की योजना को अभी टालना होगा। बता दें कि यह व्यापार समझौता पिछले साल गर्मियों में EU कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ट्रंप के बीच हुआ था।
समझौते के मुख्य बिन्दु
अमेरिका अधिकांश EU सामान पर 15% टैरिफ लगाएगा। इसके बदले में EU अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामान और कुछ एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स पर ड्यूटी खत्म करेगा। दरअसल इस डील का मकसद दोनों तरफ से ट्रेड वार से बचना था। हालांकि यह समझौता आंशिक रूप से लागू हो चुका है, लेकिन यूरोपीय संसद ने अभी मंजूरी नहीं दी है।
ट्रंप की धमकी पर EU का पलटवार
यूरोपीय संसद के ट्रेड कमेटी चेयर बर्न्ड लांगे ने कहा कि देशों की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने समझौते के लागू होने को रोकने और EU के एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट (ACI) इस्तेमाल करने की बात की, जो कभी इस्तेमाल नहीं हुआ है। यह दबाव वाली ट्रेड कार्रवाइयों के खिलाफ टैरिफ, टेक कंपनियों पर टैक्स और निवेश रोक आदि का इस्तेमाल करने की शक्ति देता है। EU के अनुसार, ग्रीनलैंड पर दावे और धमकियां जारी रहने तक डील को फ्रीज कर दिया जाए। EU के 27 देशों के राजदूत इमरजेंसी मीटिंग में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।




