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यूपी में बिन मौसम बरसात से किसानों को नुकसान, सीएम ने चिंता जताई, जानें आज कहां-कहां होगी बारिश

लखनऊ। यूपी में बिन मौसम बरसात से किसानों को नुकसान हो रहा है। उत्तर प्रदेश के सीएम ने बारिश को लेकर चिंता जताई है। आलम यह है कि अप्रैल के महीने में अगस्त जैसा ही माहौल है। बुधवार को भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बरसात हुई। जिसे मौसम में बदलाव आया है। प्रदेश में मंगलवार से शुरू हुआ बारिश का क्रम बृहस्पतिवार तक जारी रहने के आसार हैं। इसके चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में आगामी 48 घंटों के दौरान छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तेज हवा के साथ बारिश का सिलसिला शुरू
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवा के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार को पूरे प्रदेश में आंधी-पानी का असर देखने को मिलेगा। यह मौसमी बदलाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर धीरे-धीरे पूर्वी दिशा की ओर बढ़ेगा।आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मो. दानिश ने बताया कि अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा और आसपास के इलाके में ओलावृष्टि की संभावना है।
50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन एवं आसपास के इलाकों में 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड,बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाके में 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं।
अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने किसानों को होने वाली परेशानी के बारे में जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी स्वयं किसानों के पास पहुंचें और मातहतों को भी फील्ड में रखें। फसलों के नुकसान का आकलन कराने के साथ समयबद्ध ढंग से मुआवजा दिलाएं। हर हाल में प्रयास करें कि आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम हो। जनहानि, पशुहानि, घायलों व प्रभावितों को निश्चित समय में मुआवजा दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




