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थोक महंगाई दर में हुई वृद्धि, जनवरी में बढ़कर 1.81% पर पहुंची, जानें उद्योग मंत्रालय ने क्या कहा...

नई दिल्ली। भारत की थोक मुद्रास्फीति में लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह जनवरी में बढ़कर 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गई। खाद्य वस्तुओं, गैर-खाद्य चीजों और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में मासिक आधार पर हुई बढ़ोतरी ने थोक मुद्रास्फीति को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों में ये जानकारी मिली। थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर पिछले साल जनवरी में 2.51 प्रतिशत थी, जबकि दिसंबर 2025 में ये 0.83 प्रतिशत रही थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 16 फरवरी को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं।
खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 1.55 प्रतिशत रही
उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि जनवरी 2026 में थोक महंगाई दर बढ़ने की मुख्य वजह मूल धातुओं के विनिर्माण, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य चीजों, खाद्य वस्तुओं और वस्त्रों आदि की कीमतों में बढ़ोतरी रही। थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 1.55 प्रतिशत रही, जबकि दिसंबर में इसमें 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। सब्जियों के मामले में जनवरी में महंगाई दर 6.78 प्रतिशत रही, जबकि दिसंबर में इसमें 3.50 प्रतिशत की गिरावट आई थी। विनिर्मित उत्पादों में थोक महंगाई जनवरी में बढ़कर 2.86 प्रतिशत हो गई, जो दिसंबर में 1.82 प्रतिशत थी।
रोजाना जरूरत चीजें हुईं महंगी
रोजाना की जरूरत वाले सामानों (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 0.21% से बढ़कर 2.21% हो गई।
खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई माइनस 0.43% से बढ़कर 1.55% हो गई।
फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर माइनस 2.31% से घटकर माइनस 4.01 रही।
मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 1.82% से बढ़कर 2.86% रही।
होलसेल महंगाई के हिस्से
प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं।
1. फूड आर्टिकल्स जैसे अनाज, गेहूं, सब्जियां
2. नॉन फूड आर्टिकल में ऑयल सीड आते हैं
3. मिनरल्स
4. क्रूड पेट्रोलियम
रिटेल महंगाई 8 महीनों में उच्च स्तर पर
जनवरी में रिटेल महंगाई पिछले महीने के मुकाबले बढ़कर 2.75% पर पहुंच गई है। दिसंबर में ये 1.33% पर थी। 8 महीनों में सबसे ज्यादा है। मई 2025 में महंगाई 2.82% पर पहुंच गई थी।




