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होलिका की राख माथे पर क्यों लगाई जाती है? घर आती है सुख-शांति, जानें क्या है इसे रखने के लिए शुभ स्थान

नई दिल्ली। होलिका दहन केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि धार्मिक मान्यताएं से इससे जुड़ी है। होलिका दहन की राख (भस्म) को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और चमत्कारी माना जाता है। इसे माथे पर लगाने और घर में रखने के पीछे कई धार्मिक और वैज्ञानिक मान्यताएं हैं।
माथे पर राख लगाने के कारण
नकारात्मकता से सुरक्षा: मान्यता है कि होलिका की राख माथे पर लगाने से व्यक्ति बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षित रहता है।
सफलता और आत्मविश्वास: किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए बाहर निकलते समय इस राख का तिलक लगाने से कार्यों में सफलता और आत्मविश्वास मिलता है。
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य: इसे माथे पर लगाने से मानसिक शांति मिलती है और बीमारियों से राहत पाने के लिए इसे लगातार 21 दिनों तक लगाने की सलाह दी जाती है।
ग्रह दोषों का निवारण: यह राख राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने में सहायक मानी जाती है।
घर में राख रखने के शुभ स्थान
घर की सुख-समृद्धि के लिए इस राख को सही स्थान पर रखना लाभकारी होता है।
तिजोरी या धन स्थान: आर्थिक तंगी दूर करने के लिए राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या अलमारी में रखना शुभ माना जाता है。
घर का आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व): वास्तु के अनुसार, इसे घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से व्यापार में लाभ और घर में शांति बनी रहती है。
मुख्य द्वार: घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए राख की एक पोटली मुख्य द्वार पर लटकाना या वहां छिड़कना लाभकारी होता है।
घर के कोने: घर के हर कोने में राख छिड़कने से वास्तु दोष दूर होते हैं और कलह-क्लेश खत्म होता है। होलिका की राख को शुद्ध पात्र में भरकर पूजा स्थान पर भी रखा जा सकता है ताकि इसकी पवित्रता बनी रहे।




