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...यह कहकर मोहन भागवत ने की वीर सावरकर को भारत रत्न देने की जोरदार वकालत! विपक्ष ने विरोध में दिया यह तर्क

नई दिल्ली। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान वीर सावरकर को भारत रत्न देने की जोरदार वकालत करते हुए कहा है कि इससे इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी। इस मांग का कांग्रेस सहित विपक्ष ने कड़ा विरोध किया है और उन पर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अंग्रेजों से माफी मांगने के आरोप लगाए हैं।
हर भारतीय की वही भावना है
वीर सावरकर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर BJP MP कंगना रनौत ने कहा कि "हर भारतीय की वही भावना है जो मोहन भागवत ने व्यक्त की है। वह (वीर सावरकर) भारत रत्न पुरस्कार से बहुत ऊपर हैं, लेकिन अगर उन्हें यह पुरस्कार मिलता है, तो यह देश के हर नागरिक के लिए गर्व की बात होगी।"
उन लोगों की आत्मा को ठेस नहीं पहुंचेगी
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सावरकर को यह सम्मान देने का कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सवाल उठाया कि क्या "माफी मांगने वालों" को भारत रत्न देने से उन लोगों की आत्मा को ठेस नहीं पहुंचेगी जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान की?
मोहन भागवत का बयान
भागवत ने कहा कि सावरकर पहले ही लाखों दिलों पर राज करते हैं, और उन्हें भारत रत्न मिलने से खुद पुरस्कार का गौरव बढ़ेगा। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और इमरान मसूद ने सावरकर को "माफी मांगने वाला" बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को भारत रत्न देना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है।
राजनीतिक बहस
सावरकर को भारत रत्न देने की मांग लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है, जिसे बीजेपी और शिवसेना का समर्थन प्राप्त है। वहीं सावरकर के पोते रणजीत सावरकर ने मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है।




