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उत्तराखंड

कोटद्वार में मालन नदी में टूटा पुल, तीन नदी में बहे; लापता युवक का शव बरामद

Abhay updhyay
14 July 2023 9:27 AM GMT
कोटद्वार में मालन नदी में टूटा पुल, तीन नदी में बहे; लापता युवक का शव बरामद
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कोटद्वार में मालन नदी पर बना पुल गुरुवार सुबह पिलर ढहने से टूट गया। हादसे के वक्त पुल पर तीन युवक वीडियो बना रहे थे. उनमें से एक गायब था. जिसका शव जनपद बिजनौर के अंतर्गत बिजौरी गांव के पास नदी किनारे से बरामद किया गया है। कोतवाली प्रभारी मणि भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि एसडीआरएफ टीम ने युवक का शव बरामद किया है। कोटद्वार की मालन नदी में बने फूल को तोड़ते वक्त युवक नदी में गिर गया था. जिस समय पुल टूटा, उस समय हल्दूखाता मल्ला निवासी प्रशांत मोहन डबराल अपने दो दोस्तों के साथ पुल के ऊपर खड़े थे।

आवागमन को सामान्य करने के लिए बेली ब्रिज के निर्माण की बात कही

भले ही पुल ढहने का तात्कालिक कारण नदी का उफान था, लेकिन असली कारण पुल के नीचे अवैध खनन माना जा रहा है, जिससे इसके खंभे कमजोर हो गए। 13 साल पहले बने पुल पर निर्धारित क्षमता से अधिक वाहनों का परिचालन जारी रहा. जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने घटना का जायजा लेने के बाद प्रभावित इलाके में यातायात सामान्य करने के लिए बेली ब्रिज के निर्माण की बात कही है.

खनन ने पुलों की नींव को खोखला कर दिया

2017 से 2021 के बीच रिवर ट्रेनिंग के नाम पर क्षेत्र में हुए खनन ने पुलों की नींव खोखली कर दी. यह बात पिछले साल सितंबर में तब स्पष्ट हो गई जब सुखरो नदी पर बने पुल का पिलर धंस गया। तब लोनिवि ने सुखरो पुल की मरम्मत की, लेकिन मालन नदी पर बने पुल का न तो ट्रीटमेंट किया गया और न ही खनन बंद किया गया। छह दिन से हो रही बारिश से मालन नदी उफान पर है। इससे पुल का पिलर गिरने का खतरा पैदा हो गया।लोनिवि पिछले तीन-चार दिन से जेसीबी की मदद से नदी का प्रवाह मोड़कर पिलर को बचाने का प्रयास कर रहा था। गुरुवार सुबह बारिश के बीच भी लोनिवि दुगड्डा की टीम इस काम में जुटी रही। तभी करीब 10 बजे अचानक पिलर संख्या नौ धंसने से पुल का एक हिस्सा नदी में समा गया।एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि हादसे के समय हल्दुखाता मल्ला निवासी रवींद्र सिंह, हुकुम सिंह और प्रशांत मोहन डबराल पुल पर खड़े होकर नदी का वीडियो बना रहे थे। प्रशांत नदी में बह गया, जबकि रवींद्र और हुकुम पुल की रेलिंग पकड़कर बच गये।

25 हज़ार लोग प्रभावित

325 मीटर स्पान का यह पुल वर्ष 2010 में 12.35 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था. पुल ढहने से 25 हजार की आबादी का कोटद्वार से सीधा संपर्क कट गया है. अब उन्हें कोटद्वार पहुंचने के लिए पांच किमी अतिरिक्त चलना पड़ेगा। यह वैकल्पिक मार्ग कच्चा और सिंगल लेन है. इसमें दो बरसाती नाले भी हैं, जो बरसात के दौरान उफान पर रहते हैं।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को प्राप्त हो गई है

लोनिवि सचिव डॉ. पकंज कुमार पांडे ने बताया कि घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट विभाग से प्राप्त हो गयी है. इसे उच्च स्तर पर प्रस्तुत करने के बाद निर्णय लिया जाएगा।

हर स्तर पर हुई लापरवाही

पुल की सुरक्षा को लेकर हर स्तर पर लापरवाही हुई। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि मालन समेत क्षेत्र के सात पुलों की मरम्मत और सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए 21 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन बजट नहीं मिला। पुलों की सुरक्षा के लिए खनिज न्यास निधि में प्रस्ताव भी भेजा गया था, लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हुई।

खोह नदी में गिरी कार से लापता दो युवकों का सुराग नहीं

उधर, मंगलवार को कोटद्वार में खोह नदी में गिरी कार में लापता दो युवकों का अभी तक सुराग नहीं मिल पाया है। बिजनौर जिले के पांच युवक दुगड्डा क्षेत्र में घूमने आये थे और लौटते समय उनकी कार नदी में गिर गयी। पुलिस ने एक का शव नदी से बरामद किया है. दोनों लापता युवकों की तलाश में पुलिस पिछले तीन दिनों से सर्च ऑपरेशन चला रही है.

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