क्या बढ़ते Live-in Relationships की वजह से Gen Z भाग रहे हैं शादी से दूर! जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
आजकल की पीढ़ी (Gen Z) के शादी से दूर भागने या इसमें देरी करने के पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत कारण हैं। विशेषज्ञों और अध्ययनों के अनुसार, यह पीढ़ी शादी को एक अनिवार्य सामाजिक बंधन के बजाय एक व्यक्तिगत चुनाव के रूप में देखती है।
सेटलिंग डाउन फोबिया (Settling Down Phobia)
कई युवा अपनी आजादी खोने के डर से 'सेटल' होने के शब्द से ही घबराते हैं। उन्हें लगता है कि शादी उनकी व्यक्तिगत पहचान और स्वतंत्रता को सीमित कर सकती है।
करियर और वित्तीय स्थिरता
Gen Z के लिए करियर, आत्म-विकास और वित्तीय स्वतंत्रता पहली प्राथमिकता है। वे तब तक शादी नहीं करना चाहते जब तक वे आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित महसूस न करें।
मानसिक शांति और आत्म-जागरूकता
यह पीढ़ी मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को बहुत महत्व देती है। वे ऐसे किसी भी रिश्ते में नहीं रहना चाहते जो उनके मानसिक सुकून को खराब करे। वे अपराधबोध या सामाजिक दबाव के कारण किसी रिश्ते को ढोने के पक्ष में नहीं हैं।
रिश्तों की बदलती परिभाषा
आज के दौर में लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationships) और बिना कागजी कार्रवाई के पार्टनरशिप को सामान्य माना जाने लगा है। युवाओं को लगता है कि प्रतिबद्धता के लिए शादी का टैग जरूरी नहीं है।
कमिटमेंट का डर (Commitment Fear)
पुराने रिश्तों की असफलता और बढ़ते तलाक के मामलों को देखकर कई युवाओं में लंबे समय तक साथ रहने का डर (Gamophobia) घर कर गया है।
शादी की बढ़ती उम्र
आंकड़ों के अनुसार, 1980 में शादी की औसत उम्र जहां पुरुषों के लिए 25 और महिलाओं के लिए 22 थी, वह 2024 तक बढ़कर क्रमशः 30 और 29 साल हो गई है।