Gen Z रिश्तों और डेटिंग की दुनिया में कर रहे हैं 'थकावट' महसूस, जानें वजह

Update: 2026-02-10 21:30 GMT

मौजूदा समय में Gen Z रिश्तों और डेटिंग की दुनिया में एक बड़ी 'थकावट' या Burnout महसूस कर रही है। हाल के शोध और ट्रेंड्स बताते हैं कि यह पीढ़ी पारंपरिक और डिजिटल रिश्तों के बोझ से दब रही है।

डेटिंग ऐप से थकान (Dating App Burnout)

आंकड़े: एक हालिया Forbes Health सर्वे के अनुसार, लगभग 79% Gen Z यूज़र्स डेटिंग ऐप्स से मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं।

कारण

लगातार स्वाइप करना, सार्थक बातचीत (Meaningful Conversations) की कमी, और बार-बार 'रिजेक्शन' का सामना करना इस थकान को बढ़ा रहा है।

6-7 डेटिंग' और शांति की तलाश

अब युवा रोमांच (Passion) से ज़्यादा मानसिक शांति (Peace) और स्थिरता को प्राथमिकता दे रहे हैं।

6-7 डेटिंग ट्रेंड

भारत में भी यह ट्रेंड लोकप्रिय हो रहा है जहाँ जोड़े पूरे दिन बातचीत करने के बजाय शाम को केवल 1 घंटे (जैसे 6 से 7 बजे) के लिए जुड़ते हैं ताकि वे भावनात्मक रूप से सुरक्षित और कम थका हुआ महसूस करें। 

रिश्तों में 'Quiet Quitting'

काम की तरह ही, अब रिश्तों में भी Quiet Cracking या Quiet Divorcing देखा जा रहा है। इसमें पार्टनर रिश्ते से पूरी तरह बाहर नहीं निकलते, लेकिन भावनात्मक रूप से पूरी तरह 'चेक-आउट' कर लेते हैं क्योंकि वे टकराव (Confrontation) के लिए बहुत थके हुए हैं।

डिजिटल और सोशल मीडिया का दबाव

73% Gen Z 'डिजिटल एग्जॉशन' (Digital Exhaustion) का शिकार हैं। सोशल मीडिया पर दूसरों के 'परफेक्ट' रिश्तों से तुलना करना और हमेशा ऑनलाइन रहने का दबाव उन्हें अकेला और उदास बना रहा है।

प्राथमिकता में बदलाव

मानसिक स्वास्थ्य पहले

बेंगलुरु जैसे शहरों में किए गए सर्वेक्षण बताते हैं कि 67% Gen Z महिलाएं ऐसे रिश्ते को छोड़ना पसंद करती हैं जो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा हो।

आर्थिक अस्थिरता

कई युवा करियर और वित्तीय स्थिरता को प्यार से ज्यादा जरूरी मान रहे हैं, जिससे रिश्तों के प्रति उनकी ऊर्जा कम हो रही है।

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