काशी में आज से होली का आगाज! रंगभरी एकादशी के भव्य उत्सव पर भोलेनाथ लेकर आएंगे माता पार्वती का गौना

Update: 2026-02-27 09:20 GMT

काशी। काशी में आज रंगभरी एकादशी (आमलकी एकादशी) का भव्य उत्सव मनाया जा रहा है, जो बनारस में होली के आधिकारिक आगाज का प्रतीक है। मान्यता है कि रंगभरी एकादशी के दिन भोलेनाथ माता गौरा का गौना लेकर आते हैं। इस दिन भगवान शिव माता पार्वती के साथ काशी आते हैं।

उत्सव और परंपराएं 

गौरा का गौना: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन भगवान शिव (बाबा विश्वनाथ) माता पार्वती (गौरा) का गौना कराकर उन्हें पहली बार काशी लाए थे। इसी खुशी में पूरी काशी अबीर और गुलाल के रंगों में सराबोर रहती है।

पालकी यात्रा

शाम करीब 5 बजे बाबा विश्वनाथ की भव्य पालकी यात्रा टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास (गौरा-सदनिका) से निकलेगी। इस यात्रा में भक्त "हर-हर महादेव" के उद्घोष के साथ बाबा और माता पर गुलाल और गुलाब की पंखुड़ियां बरसाते हैं। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में बाबा विश्वनाथ, माता गौरा और प्रथमेश (गणेश जी) का विशेष पूजन और शृंगार किया गया। भक्तों के लिए दर्शन सुबह से शुरू हो गए हैं।

ब्रज का रंग

इस बार काशी विश्वनाथ धाम में मथुरा-वृंदावन के रसिया भी महादेव के चरणों में होली के गीत और अबीर-गुलाल समर्पित करेंगे।

मसाने की होली

रंगभरी एकादशी के अगले दिन यानी 28 फरवरी 2026 को मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर प्रसिद्ध मसाने की होली (चिता की भस्म से खेली जाने वाली होली) खेली जाएगी।

Tags:    

Similar News