यूएस-ईरान युद्धविराम कराने में भारत तो कर गया मिस! असली दमदार भूमिका किसकी रही चीन या पाकिस्तान की? जानें आखिरकार ट्रंप ने क्या माना

ट्रंप ने अपने फैसले से पलटते हुए युद्धविराम का ऐलान कर दिया।

By :  Aryan
Update: 2026-04-08 09:13 GMT

नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर पाकिस्तान अपनी अहम भूमिका निभाने का सारा श्रेय अकेले ले रहा है। लेकिन सूत्रों की मानें, तो यह सफलता मुख्य रूप से ट्रम्प प्रशासन के दबाव, ईरान की जमीनी मजबूरियों और चीन की संभावित मध्यस्थता के कारण मिली है। दरअसल ईरान को बातचीत के लिए तैयार करने का काम चीन ने ही किया है। इससे पहले भी पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किए की मध्यस्थता में भी चीन ने अहम भूमिका निभाई है। वहीं, इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की खबर भी सामने आ रही है।

मध्यस्थता में असली भूमिका चीन की

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ सिर्फ बिचौलिये की भूमिका निभाई है। ईरान को युद्धविराम के लिए मनाने में चीन की ही भूमिका दमदार रही। ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन ने तेहरान को अमेरिका के साथ युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

ट्रंप ने भी स्वीकारा

आखिरकार अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी स्वीकार ही लिया कि चीन ने ही तेहरान को बातचीत के लिए तैयार किया था। जब मीडिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा कि क्या तेहरान को युद्धविराम पर बातचीत करने के लिए राजी करने में चीन की भूमिका थी, तो उन्होंने कहा कि धीरे से हां कहा था।

पर्दे के पीछे का सच

करीब एक महीने तक चले इस युद्ध के दौरान चीन ने खुलकर ईरान का समर्थन में किया। हालांकि, चीन ने इस मामले पर अधिक बयानबाजी कभी नहीं की, लेकिन चीन की कूटनीति वाली रणनीति पर मेहनत की गई। जानकारी के मुताबिक, ट्रंप आज पाकिस्तान को भले युद्धविराम का श्रेय दे रहे हैं, उन्होंने खुद ही महीने की शुरुआत में चीन से समर्थन मांगने के लिए संपर्क साधा था।

इस देश ने दिखाई अपनी ताकत

दरअसल एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने ही पाकिस्तान, तुर्किए और मिस्र जैसे मध्यस्थों के साथ मिलकर ईरान युद्ध को खत्म करने की रणनीति बनाई। इतना ही नहीं, युद्धविराम की घोषणा से कुछ घंटे पहले चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए बल प्रयोग को अधिकृत करने के प्रस्ताव को वीटो कर दिया।

ट्रंप ने दी थी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि समझौता नहीं हुआ तो एक पूरी सभ्यता आज रात मर जाएगी। हालांकि, हमलों की डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ट्रंप ने अपने फैसले से पलटते हुए युद्धविराम का ऐलान कर दिया।



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